Modi Diwali Navy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गोवा में भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत INS Vikrant पर नौसैनिकों के बीच दिवाली मनाई। यह लगातार 12वीं बार था जब उन्होंने देश के सुरक्षाबलों के साथ दिवाली का पर्व मनाया। इस दौरान उन्होंने नौसेना के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि INS Vikrant आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ का गौरवशाली प्रतीक है। उन्होंने कहा, “जिसका नाम ही दुश्मन का चैन छीन ले, वह है INS Vikrant। हाल में इसने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी थी।”

Modi Diwali Navy: परिवर्तन सुरक्षा बलों के बलिदान और परिश्रम से संभव हुआ
मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि पहले देश के 125 जिले नक्सल हिंसा की गिरफ्त में थे, लेकिन पिछले एक दशक की मेहनत से अब केवल 11 जिले ही इससे प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी माओवादी सड़कें और स्कूल नहीं बनने देते थे, आज वहां नए उद्योग, हाईवे और शिक्षा के केंद्र स्थापित हो रहे हैं। यह परिवर्तन सुरक्षा बलों के बलिदान और परिश्रम से संभव हुआ है।
Modi Diwali Navy: देश की समुद्री सीमाओं की दिन-रात रक्षा कर रहे

प्रधानमंत्री ने विदेशी मिशनों में भारतीय नौसेना के साहसिक कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नौसेना ने विदेशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित लाने और आपदाओं के दौरान सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय तटरक्षक बल की भी सराहना करते हुए कहा कि वे नौसेना के साथ मिलकर देश की समुद्री सीमाओं की दिन-रात रक्षा कर रहे हैं।
Modi Diwali Navy: विकास की राह पर आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहा

मोदी ने कहा कि भारत की परंपरा हमेशा शक्ति, विज्ञान और मानवता की सेवा पर आधारित रही है। आज हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना विश्वस्तरीय सुरक्षा का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने बताया कि अब भारत के हर द्वीप पर नौसेना का तिरंगा लहरा रहा है, जो राष्ट्र की सामर्थ्य का प्रतीक है। भारत अब ग्लोबल साउथ के देशों को भी विकास की राह पर आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहा है।
सूची में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा

प्रधानमंत्री ने बताया कि आज हर 40 दिन में स्वदेशी युद्धपोत या पनडुब्बी नौसेना में शामिल की जा रही है। ब्रह्मोस और आकाश जैसी मिसाइलें भारत की आत्मनिर्भरता का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि अब अनेक देश भारतीय हथियार प्रणालियों को खरीदना चाहते हैं। भारत का रक्षा निर्यात पिछले दशक में 30 गुना बढ़ा है और देश तेजी से दुनिया के प्रमुख रक्षा निर्यातकों की सूची में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने अंत में नौसैनिकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका साहस और सेवा भाव ही भारत की नई ताकत और पहचान बना रहा है।
