mock drill jammu kashmir : ऑपरेशन शील्ड के तहत हाई-ऑक्टेन सुरक्षा अभ्यास
mock drill jammu kashmir : भारत ने सुरक्षा उपायों को और अधिक सख्त करने के लिए “ऑपरेशन शील्ड” के तहत 7 राज्यों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह अभ्यास शनिवार को गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर समेत अन्य इलाकों में किया गया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपात स्थिति (जैसे बम विस्फोट या एयर स्ट्राइक) के दौरान नागरिकों और प्रशासन की प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य
मॉक ड्रिल एक अभ्यास है, जिसमें यह देखा जाता है कि अगर कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो प्रशासन और आम लोग कितनी जल्दी प्रतिक्रिया करते हैं। इस बार मॉक ड्रिल में एयर स्ट्राइक, विस्फोट और ब्लैकआउट जैसी आपात स्थितियों की योजना बनाई गई थी, जो आम नागरिकों और सुरक्षा बलों के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की आवश्यकता दर्शाती है।
जम्मू और कश्मीर में विशेष सुरक्षा उपाय
जम्मू और कश्मीर के कई जिलों में, जैसे जम्मू, अनंतनाग, बारामूला में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जम्मू में रात 8 बजे से 8:15 बजे तक ब्लैकआउट (बिजली की आपातकालीन कटौती) का अभ्यास किया गया। इस समय, जम्मू के अखनूर क्षेत्र में एयर स्ट्राइक ड्रिल भी आयोजित की गई, जहां नागरिकों को एयर अटैक से बचने के लिए सुरक्षा उपायों का पालन कराया गया। यह अभ्यास यह दर्शाता है कि पाकिस्तान की सीमा से सटे क्षेत्रों में किसी भी हमले के दौरान नागरिकों और सैनिकों को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है।
राजस्थान और गुजरात में आपातकालीन स्थिति का अभ्यास
राजस्थान के जयपुर में एयर अटैक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें अचानक विस्फोटों और हवाई गोलीबारी की स्थिति बनाई गई। इससे आम लोगों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हुआ, और तुरंत चिकित्सा सहायता और एसडीआरएफ जैसी टीमों ने त्वरित कार्रवाई की।
वहीं, गुजरात के वलसाड और पाटन में भी एयर स्ट्राइक ड्रिल का आयोजन हुआ। पाटन तहसील कार्यालय में आग लगी थी, जहां रेस्क्यू टीम ने तीन फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में मॉक ड्रिल
हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में मॉक ड्रिल शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक आयोजित की गई थी। इन राज्यों में भी रात 8 बजे से 8:15 बजे तक ब्लैकआउट किया गया। साथ ही, प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया का पालन कराया। इमारतों से निकाले गए लोगों को 30 सेकेंड में एंबुलेंस द्वारा अस्पताल भेजा गया।

ब्लैकआउट और एयर स्ट्राइक ड्रिल के पीछे की रणनीति
ब्लैकआउट एक्सरसाइज का मुख्य उद्देश्य यह था कि अगर दुश्मन देश द्वारा अचानक हमला किया जाता है, तो क्षेत्र में लाइट्स बंद करके सुरक्षा को बढ़ाया जा सके। इससे दुश्मन के लिए सटीक निशाना लगाना मुश्किल हो जाता है और यह सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करता है। वहीं, एयर स्ट्राइक ड्रिल ने यह सुनिश्चित किया कि नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए हवाई हमलों के दौरान तत्काल कार्यवाही की जा सके।
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव
यह मॉक ड्रिल पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच विशेष महत्व रखती है। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी लॉन्च पैड पर हवाई हमले किए थे। ऑपरेशन सिंदूर के नाम से यह कार्रवाई की गई थी, जिसमें 100 आतंकवादियों को मार गिराया गया था। इसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है, और ऐसी मॉक ड्रिल्स यह सुनिश्चित करती हैं कि भारत किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार है।
इससे पहले हुई मॉक ड्रिल्स
7 मई को देशभर के 244 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी, जिसमें नागरिकों को हमले के दौरान खुद को बचाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था। यह मॉक ड्रिल युद्ध की स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आयोजित की गई थी।
मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट का उद्देश्य क्या है?
मॉक ड्रिल्स का मुख्य उद्देश्य यह है कि नागरिकों और प्रशासन को किसी भी आपातकालीन स्थिति का सही तरीके से सामना करने के लिए तैयार किया जाए। ब्लैकआउट का अभ्यास यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी प्रकार के आक्रमण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिक्रिया की क्षमता को बढ़ाया जा सके। इन दोनों उपायों के जरिए भारत सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ पाकिस्तान और अन्य संभावित दुश्मनों से निपटने के लिए हर प्रकार से तैयार है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
- ऑपरेशन शील्ड मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- ऑपरेशन शील्ड का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में नागरिकों और प्रशासन की प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था।
- ब्लैकआउट एक्सरसाइज का क्या मतलब है?
- ब्लैकआउट एक्सरसाइज में एक निश्चित समय के लिए क्षेत्र की बिजली बंद कर दी जाती है, जिससे दुश्मन के हमले के दौरान इलाके की सुरक्षा को बढ़ाया जा सके।
- किस-किस राज्य में मॉक ड्रिल आयोजित की गई?
- मॉक ड्रिल जम्मू-कश्मीर, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों में आयोजित की गई थी।
- मॉक ड्रिल के दौरान क्या घटनाएं घटित हुईं?
- मॉक ड्रिल के दौरान हवाई हमले, विस्फोट, आग और अन्य आपात स्थितियों का अभ्यास किया गया था।
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