MLA Rajendra Bharti:भोपाल में देर रात विधानसभा सचिवालय खुलने पर सियासी विवाद बढ़ गया है। मामले को लेकर जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर विधायक की सदस्यता खत्म करने की तैयारी है, इस पूरे मामले पर भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जहा कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाया है कि विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने की प्रक्रिया के लिए देर रात विधानसभा सचिवालय खोला गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई भाजपा के इशारे हो रही है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
MLA Rajendra Bharti: आपत्ति दर्ज
इस मामले को लेकर जीतू पटवारी, और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के साथ विधानसभा पहुंचे और इस पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि रात में सचिवालय खोलना कई सवालों को दर्शाता है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक गुंडागर्दी और सत्ता का दुरुपयोग बताया है।
MLA Rajendra Bharti: राजेंद्र भारती की सदस्यता पर घमासान
कांग्रेस ने कहा कि विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने की कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। पार्टी ने साफ किया है कि इस मुद्दे पर वह पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी।
क्या है भारती का मामला? यहां जानें
यह पूरा मामला साल 1998 का है, जब श्याम सुंदर संस्थान की ओर से बैंक में 10 लाख रुपये की एफडी कराई गई थी। आरोप है कि राजेंद्र भारती ने बैंक के लिपिक रघुवीर प्रजापति के साथ मिलकर दस्तावेजों में हेरफेर की और एफडी की अवधि तीन साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी।
एफडी पर ऑडिट आपत्ति भी दर्ज की गई
बताया जा रहा है कि साल 1999 से 2011 के बीच करीब 13.5 प्रतिशत ब्याज दर के आधार पर हर साल लगभग 1.35 लाख रुपये निकाले जाते रहे। साल 2011 में जब भाजपा नेता पप्पू पुजारी बैंक के अध्यक्ष बने, तब इस गड़बड़ी का खुलासा किया गया। जांच के दौरान एफडी पर ऑडिट आपत्ति भी दर्ज की गई।
दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुना दी
इसके बाद मामला उपभोक्ता फोरम से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिल सकी। साल 2015 में इस मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया और अब अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुना दी है।
