टूटी सड़कों ने बिगाड़ी आपूर्ति, 70% पेट्रोल पंप सूखे – दूध-चावल सब महंगा
मिजोरम की राजधानी आइजोल और पूरे राज्य में पिछले तीन दिनों से तेल टैंकर ड्राइवरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सब्जी, दूध और राशन जैसी जरूरी चीजें बाजार से गायब हो गई हैं या दोगुने दाम पर बिक रही हैं।

राज्य के 70% से अधिक पेट्रोल पंप सूख चुके हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। दूसरी ओर, सरकार और ऑयल टैंकर एसोसिएशन के बीच बातचीत का कोई हल नहीं निकला है।
हड़ताल की वजह: टूटी सड़कें
मिजोरम ऑयल टैंकर ड्राइवर्स एसोसिएशन (MOTDA) के अध्यक्ष रोमेल लालरुदिका का कहना है कि राज्य को असम के सिलचर से जोड़ने वाले NH-6/306 की हालत इतनी खराब है कि वहां से टैंकर ले जाना संभव नहीं। छह घंटे की दूरी तय करने में चार दिन लग रहे हैं।
सैरांग से कौनपुई तक का करीब 40 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इस रास्ते से तेल ले जाना इतना खतरनाक हो गया है कि गैस चैंबर बनने का खतरा भी बना रहता है, जिससे टैंकर में विस्फोट हो सकता है।
60 टैंकर रोजाना 4-8 लाख लीटर फ्यूल लाते थे
राज्य में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के संयुक्त रूप से हर दिन लगभग 60 ऑयल टैंकर आते हैं। ये टैंकर 100 पेट्रोल पंपों पर लगभग 4-8 लाख लीटर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति करते हैं।
आइजोल में 25 फ्यूल पंप हैं, जिनमें से 21 पहले ही सूख चुके हैं। डीजल की कमी 19 जुलाई से ही महसूस होने लगी थी, लेकिन अब स्थिति गंभीर हो चुकी है।
राशन भी हुआ महंगा: दूध 160 रुपये लीटर, चावल 75 रुपये किलो
हड़ताल का असर सिर्फ पेट्रोल पंप तक नहीं सीमित रहा। खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की चीजों की आपूर्ति भी बंद हो चुकी है।
- दूध की कीमत 110 से 160 रुपये प्रति लीटर
- चावल 75 रुपये प्रति किलो (पहले 50 रुपये में मिलता था)
- सब्जियां 100 से 150 रुपये किलो
हालात ऐसे हो गए हैं कि आइजोल और लुंग्लेई में स्कूल बसों को बंद करना पड़ा। बच्चे या तो पैदल स्कूल जा रहे हैं या स्कूलों ने छुट्टी दे दी है।
MOTDA ने सरकार को चेताया, लेकिन समाधान नहीं
ऑयल टैंकर ड्राइवरों ने 15 जुलाई को मुख्यमंत्री लल्दुहोमा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी थीं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं मिला। एसोसिएशन का कहना है कि राज्य सरकार के पास न तो सड़क सुधारने का बजट है और न तकनीकी संसाधन।

अब जब सड़क की मरम्मत के कोई संकेत नहीं दिखे, MOTDA ने अनिश्चितकाल के लिए अपनी सेवाएं बंद करने का फैसला लिया।
NH-306: मिजोरम की लाइफलाइन बंद
मिजोरम को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला NH-306 ही अब सबसे बड़ी बाधा बन चुका है। यही सड़क असम के सिलचर से होकर आइजोल तक फ्यूल और जरूरी सामान पहुंचाने का एकमात्र रास्ता है। इसकी खराब हालत ने राज्य को जैसे बाहरी दुनिया से काट दिया है।
