महादेव के जयकारों से गूंजे शिवालय
सावन के दूसरे सोमवार को सुबह से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के शिवालयों में पहुंच रहे हैं। छोटे-बड़े सभी शिव मंदिरों में भक्त जलाभिषेक कर रहे। रायगढ़ में निकले महादेव मंदिर, बाबा धाम कोसमनारा, गौरी शंकर मंदिर में भीड़ लगी हुई है। मंदिर महादेव के जयकारों से गूंज रहे हैं। अमरकंटक में भी भक्तों की भीड़ उमड़ी है। श्रद्धालु नर्मदा उद्गम से जल भरकर ज्वालेश्वर महादेव में जलाभिषेक कर रहे हैं। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से हजारों की संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िए अमरकंटक पहुंचे हैं।

गरियाबंद
गरियाबंद के प्रसिद्ध भूतेश्वर धाम में माहौल शिवमय हो गया है। सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। भक्ति गीत (जसगीत) पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।
रायगढ़
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की गौरी शंकर मंदिर में पूजा-अर्चनारायगढ़ में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोमवार को स्थानीय गौरी शंकर मंदिर पहुंचकर भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर में आरती करने के बाद जिले समेत पूरे प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
अमरकंटक से शिवधारा तक कांवड़ यात्रा
सावन के दूसरे सोमवार को अमरकंटक में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालु नर्मदा उद्गम से जल भरकर ज्वालेश्वर महादेव में जलाभिषेक कर रहे हैं। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से हजारों की संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िए अमरकंटक पहुंचे हैं।

कावड़ यात्रा पर निकली विधायक भावना
पंडरिया विधायक भावना वोहरा का कहना है कि, हम हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग है। ये हमारी आध्यात्मिक यात्रा है। मेरी कांवड़ यात्रा क्षेत्र और छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए एक संकल्प है। चाहे विधायक हूं या मैं कांवड़ यात्री हर रूप में मेरी धर्म के प्रति आस्था है।
जांजगीर चांपा
जांजगीर चांपा में शिवालय में भक्तों का ताता लगा हुआ है। बोल बम के नारे से मंदिर गूंज उठा। छत्तीसगढ़ का काशी कहे जाने वाले खरौद स्थित लक्ष्मेश्वर महादेव मंदिर में आस्था का सैलाब देखने को मिला, जहां भक्तों ने दर्शन-पूजन कर जलाभिषेक किया।मान्यता है कि इस मंदिर में स्थापित सवा लाख छिद्रों वाले शिवलिंग की स्थापना स्वयं भगवान श्रीराम और लक्ष्मण ने वनवास काल में की थी। यहां सवा लाख अक्षत (चावल) चढ़ाने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और क्षय रोग (टीबी) से मुक्ति मिलती है।
बिलासपुर
बिलासपुर जिले के शिव मंदिरों में भक्ति और आस्था का अनुपम संगम बन गया। सुबह से ही शहर और आसपास के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। इस बार सावन के दूसरे सोमवार का विशेष महत्व है, क्योंकि यह कामिका एकादशी के साथ संयोग बना रहा है। यह दुर्लभ संयोग भगवान शिव और भगवान विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर लेकर आया है।
