प्रतिमा बागरी : मध्य प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के भाई अनिल बागरी को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया।अनिल और उसके साथी पंकज सिंह के पास से पुलिस को 46 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। बता दे कि पुलिस ने मरौहा गांव में पंकज सिंह के घर पर दबिश दी। घर के बाहर टीन शेड में धान की बोरियों के नीचे 4 बोरियां मिलीं। इनमें 48 पैकेट गांजा के बरामद किए गए। इसकी कीमत 9 लाख 22 हजार 680 रुपए बताई जा रही है। दोनों आरोपियों को 19 दिसंबर तक की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से उनके भाई की गिरफ्तारी पर सवाल किया तो वे झल्लाती नजर आईं।
मंत्री के भाई पर 46 किलो गांजा तस्करी करने के आरोप
मामला सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र का है, आरोप हैं कि राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के सगे भाई अनिल बागरी 46 किलो गांजे की तस्करी की जा रही थी. इसमें उसके दो अन्य साथी पंकज सिंह बघेल व शैलेंद्र सिंह शामिल थे.
भाई अनिल बागरी गांजा तस्करी में गिरफ्तार
मध्य प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के सगे भाई अनिल बागरी को सतना पुलिस ने गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। अनिल अपने पार्टनर के साथ लग्जरी गाड़ी से गांजे की तस्करी कर रहा था। भाई को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। वहीं, जीजा शैलेंद्र सिंह सोमू पहले से ही गांजा तस्करी के आरोप में जेल में बंद हैं।
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कौन है प्रतिमा बागरी ?
प्रतिमा बागरी का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। संगठन में काम करके यहां तक पहुंची हैं। प्रतिमा बागरी ने राजनीति की शुरुआत जमीनी स्तर से की। वे भाजपा महिला मोर्चा में महामंत्री रही हैं। इसके अलावा, उन्होंने सतना भाजपा जिला संगठन मंत्री में पद पर कार्य किया, जिससे उनकी पकड़ मजबूत होती गई। रैगांव विधानसभा सीट पर भाजपा के दिग्गज नेता जुगुल किशोर बागरी के निधन के बाद 2021 में उपचुनाव हुआ था। तब प्रतिमा बागरी टिकट की प्रबल दावेदार थीं। पार्टी ने उन्हें टिकट दिया। उस चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस की कल्पना वर्मा जीती थीं।
