Migraine Symptoms Treatment: आजकल हर दूसरा अदमी माइग्रेन की बीमारी से जूझ रहा हैं। माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें सर में एक तरफ या दोनों तरफ तेजी से दर्द होता है। यह एक आम समस्या है, जो दुनियाभर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है। माइग्रेन के दौरान सिरदर्द के अलावा मतली, उल्टी, चक्कर आना, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है।
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माइग्रेन को मुख्य रूप से दो प्रमुख प्रकार..
1.ऑरा के साथ माइग्रेन
इसमें सिरदर्द शुरू होने से पहले कुछ चेतावनी संकेत मिलते हैं, जैसे कि धुंधली दृष्टि, चमकदार लाइट्स दिखना, झुनझुनी महसूस होना आदि। यह न्यूरोलॉजिकल संकेत होते हैं जो आमतौर पर 10 से 30 मिनट तक रहता हैं।
2.ऑरा के बिना माइग्रेन
यह सबसे सामान्य प्रकार का माइग्रेन है, जिसमें अचानक सिरदर्द शुरू होता है और कोई चेतावनी संकेत नहीं होते। यह सिरदर्द आमतौर पर कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक रह सकता है।

इसके अलावा, कुछ अन्य प्रकार के माइग्रेन
1. क्रॉनिक माइग्रेन: जब माइग्रेन महीने में 15 दिन या उससे अधिक बार होता है।
2. हेमिप्लेजिक माइग्रेन: इसमें शरीर के एक तरफ़ कमजोरी महसूस होती है।
3. माइग्रेन विद ब्रेनस्टेम ऑरा: यह दुर्लभ होता है और चक्कर आना, बोलने में दिक्कत और संतुलन की समस्या उत्पन्न करता है।
माइग्रेन के कारण..
माइग्रेन के सटीक कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन यह मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे सेरोटोनिन) के असंतुलन और नसों में अस्थायी सूजन के कारण हो सकता है।
1. जीवनशैली से जुड़े कारण
– अत्यधिक तनाव
– नींद की कमी या बहुत अधिक सोना
– भोजन करने का अनियमित समय
– अधिक कैफीन या शराब का सेवन
2. आहार संबंधी कारण
– चॉकलेट, कैफीन, रेड वाइन, प्रोसेस्ड फूड और चीज़
– बहुत अधिक नमक या मसालेदार भोजन
– उपवास या भोजन छोड़ना
3. पर्यावरणीय कारण
– तेज़ रोशनी, बहुत तेज़ आवाज़
– मौसम में बदलाव
– बहुत अधिक स्क्रीन टाइम (मोबाइल, लैपटॉप)

4. हार्मोनल बदलाव
– महिलाओं में मासिक धर्म, गर्भावस्था या रजोनिवृत्ति के दौरान – हार्मोनल बदलाव
– गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन
माइग्रेन के लक्षण…
माइग्रेन के लक्षण व्यक्ति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं…
1. सिरदर्द
सिर के एक तरफ या दोनों तरफ़ तेज दर्द होता है, दर्द धीरे-धीरे बढ़ता ही जाता है और धड़कन जैसा महसूस होता है। शारीरिक गतिविधि करने पर दर्द बढ़ जाता है।
2. संवेदी समस्याएं
रोशनी और शोर के प्रति संवेदनशीलता, आंखों के सामने चमकदार लाइट्स दिखने से समस्या महसूस होती है। धुंधली दृष्टि या अंधेरा छा जाता हैं।
3. शरीरिक लक्षण
माइग्रेन में जी मचलाना या उल्टी आना और थकान, कमजोरी महसूस होना। ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत होती है।

नेचुरोपैथ टिप्स से करें माइग्रेन की समस्या हल
1. समय से भोजन करें..
समय से खाने का सेवन करना चाहिए। नियमित रूप से पैष्टिक आहार लेने से पाचनतंत्र को मज़बूती मिलती है, रोज़ाना हेल्दी मील लेने से शरीर को उचित मात्रा में विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और फाइबर की प्रापित होती है। इससे शरीर हेल्दी और एक्टिव रहता है।

2. शरीर को हाइड्रेट रखें..
शरीर में पानी की कमी निर्जलीकरण को बढ़ा देती है, जो माइग्रेन को ट्रिगर करता है। ऐसे में दिनभर में पानी भरपूर मात्रा में पीएं।
3. पूरी नींद लें…
देर तक काम करने और अधिकतर समय कंप्यूटर और लाइट के सामने बिताने से ब्लू लाइट एक्सपोज़र बढ़ने लगता है, जिससे आंखों की दृष्टि प्रभावित होती है। साथ ही मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ने लगता है। माइग्रेन की समस्या का सामना करना पड़ता हैं। ऐसे में 8 घंटे की नींद जरुर लेना चाहिए। ब्रेन को रिलैकस रखने के लिए मेडिटेशन भी करें।
4. तनाव से दूर रहें..
80 फीसदी माइग्रेन हमारी चिंताओ और तनाव की वजह से होता है। ऐसे में तनाव दूर करने के लिए दिनभर खुद को किसी न किसी काम में एगेंज कर लें। इसके अलावा मसाज, प्राणायाम, काउंसलिंग और संगीत की मदद ली जा सकती है। इससे ब्रेन रिलैक्स हो जाता है और दर्द कम होने लगता है।
