melbourne machete attack indian origin man 2025: मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया में स्थिति चिंताजनक है, जहाँ भारतीय मूल के 33 वर्षीय सौरभ आनंद पर एक डरावना हमला हुआ। शनिवार, 19 जुलाई की शाम 7:30 बजे (स्थानीय समय) वे एक फार्मेसी से दवा लेकर घर लौट रहे थे। तभी अलटोना मीडोज़ के सेंटरल स्क्वायर शॉपिंग सेंटर के पास पीछे से पांच नाबालिगों ने उन पर हमला कर दिया।
एक मिनट में सब कुछ बदल गया
सौरभ फोन पर दोस्त से बात कर रहे थे जब अचानक किशोरों ने उन्हें घेर लिया। एक ने उनकी जेब तलाशी, दूसरे ने सिर पर मुक्के मारे, और तीसरे ने चाकू निकाल उनकी गर्दन पर रख दी। बचाव में सौरभ जब हाथ उठाते हैं, तो चाकू उनकी कलाई को चीरता हुआ निकल जाता है — उनके शब्दों में, “मेरा हाथ धागे से लटक रहा था” ।
हमले में सिर्फ हाथ ही नहीं, बल्कि उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर, सिर में गंभीर चोट, और बाहु की हड्डियाँ टूट गईं। लेकिन उन्होंने खुद हिम्मत से चलकर राहगीरों को मदद के लिए बुलाया और तुरंत रॉयल मेलबर्न अस्पताल पहुंचाए गए।
जिंदगी बचाने वाली सर्जरी
डॉक्टरों ने शुरुआती रूप से हाथ को काटना पड़ा भी सकता था माना, लेकिन कई घंटों की सर्जरी में चक्रीय प्रयासों से उनका हाथ सफलतापूर्वक जोड दिया गया। इसमें स्क्रू डालना, मसल एवं टेंडन की रिकन्स्ट्रक्शन शामिल थी। इलाज के बाद उन्हें गंभीर निगरानी में रखा गया है और अभी रिकवरी स्थिति स्पष्ट नहीं है ।
सौरभ ने अस्पताल बेड से बताया,
“मुझे सिर्फ दर्द याद है… मैं हाथ हिला नहीं सकता, सिर्फ दर्द महसूस होता है।”
आरोपियों पर कार्रवाई
विक्टोरिया पुलिस ने चार किशोरों को हिरासत में लिया है। उनमें से एक 14 वर्षीय को गंभीर चोट पहुंचाने, लूट, और अन्य अपराधों के आरोप में 15 अगस्त तक रिमांड पर रखा गया है। दो 15 वर्षीय आरोपियों को जमानत मिली है, और वे 11 अगस्त को बच्चों की अदालत में पेश होंगे। पांचवां संदिग्ध अभी तलाश में है।
सौरभ के शब्दों में,
“मैं न्याय चाहता हूँ… मैं चाहता हूँ कि यह घटना बदलाव का कारण बने।”
युवा हिंसा की चिंता
इस हमले का अंदेशा विटोरिया में बढ़ते माचेते व knife crime और किशोर गिरोहों की सक्रियता को उजागर करता है। यहाँ पुलिस प्रतिदिन 200 से अधिक गिरफ्तारी कर रही है, और स्क्रू और माचेते जैसे हथियार ज़ब्त किए जा रहे हैं। सरकार सितंबर 2025 से माचेट गैरकानूनी घोषित करने की तैयारी में है।

नफरत अपराध
कुछ मीडिया संगठनों ने हमले को संभावित नफरत अपराध (hate crime) के रूप में भी देखा है क्योंकि यह भारतीय मूल के व्यक्ति पर नस्लीय हिंसा लग रही है। ड्रग्स, मानसिक स्वास्थ्य और सांस्कृतिक असहिष्णुता के मुद्दे इस घटना को और गंभीर बना रहे हैं।
भारतीय समुदाय की प्रतिक्रिया
यह घटना ऑस्ट्रेलियाई भारतीय समुदाय में गहरी बेचैनी पैदा कर रही है। लोगों ने सुरक्षा की मांग, कठोर कानून, और किशोर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। सौरभ खुद फ़िक्र जताते हैं कि
“जब ऐसी घटना होती है, तो घर लौटने का मन नहीं करता।”

