बचाव कार्य शुरू
बताया जा रहा है कि मृतकों में शामिल सभी मजदूर असम के रहने वाले थे, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही मेघालय की पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है। खदान के अंदर फंसे मजदूरों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

इलाके की बढ़ाई सुरक्षा
बचाव कार्य के दौरान किसी तरह की बाधा न हो, इसके लिए प्रशासन ने आसपास के इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों ने कहा कि धमाका कैसे हुआ, इसकी जांच की जा रही है। धमाका इतना तेज था कि खदान में काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने तक का मौका तक नहीं मिला।
Meghalaya coal mine explosion: धमाके के कारणों की जांच
शुरुआती तौर पर सामने आया कि खदान में गैस रिसाव या तकनीकी खामी को हादसा होने की संभावना है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इस हादसे के बाद मजदूरों की सुरक्षा और अवैध खनन गतिविधियों को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहराई से जांच होगी साथ ही मृतकों और घायलों की हर संभावित मदद की जाएगी।
