medicine price hike : इंफेक्शन, डायबिटीज और हार्ट डिजीज के मरीजों पर बढ़ेगा बोझ
medicine price hike : नई दिल्ली: इंफेक्शन, डायबिटीज और हार्ट डिजीज समेत 400 से ज्यादा आवश्यक दवाओं की कीमतें 1 अप्रैल से 1.74% तक बढ़ने जा रही हैं। सरकार ने यह बदलाव नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) के नियमों के तहत किया है, जो हर साल थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर आवश्यक दवाओं की कीमतें तय करता है।
🔹 दवाओं की कीमतें क्यों बढ़ाई गईं?
- हर साल WPI के अनुसार आवश्यक दवाओं की कीमतों में संशोधन किया जाता है।
- 2024 में WPI में 1.74% की बढ़ोतरी हुई है, जिससे दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में वृद्धि हुई।
- इस बदलाव के लिए सरकार की पूर्व स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होती।
⚠️ किन दवाओं पर पड़ेगा असर?
- 🔸 एंटीबायोटिक्स (इंफेक्शन की दवाएं)
- 🔸 डायबिटीज की दवाएं
- 🔸 ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज की दवाएं
- 🔸 पेनकिलर्स और अन्य आवश्यक दवाएं
🩺 मरीजों को कैसे होगा असर?
- 🔹 लंबे समय तक दवा लेने वाले मरीजों (क्रॉनिक डिजीज के मरीज) पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
- 🔹 स्वास्थ्य बजट बढ़ सकता है, खासकर बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए।
- 🔹 जन औषधि केंद्रों से सस्ती दवाएं खरीदना बेहतर विकल्प हो सकता है।
💰 दवा की बढ़ती कीमतों से कैसे बचें?
- जन औषधि केंद्रों से सस्ती दवाएं खरीदें।
- डॉक्टर से विकल्प के रूप में जेनेरिक दवाओं की सलाह लें।
- थोक में दवा खरीदकर लंबी अवधि के लिए स्टॉक कर सकते हैं।
- स्वास्थ्य बीमा के तहत दवा खर्च को कवर करने के विकल्पों की जांच करें।
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