bhopal love jihad case: भोपाल में सामने आए लव जिहाद और ब्लैकमेलिंग के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोहेफिजा थाना क्षेत्र में 11वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा की शिकायत पर मछली गैंग से जुड़े मोनिस खान के छोटे भाई माज खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब जांच के दौरान एक हेड कॉन्स्टेबल की संदिग्ध भूमिका भी सामने आई।
bhopal love jihad case: नाबालिग की शिकायत पर कार्रवाई
कोहेफिजा थाना पुलिस के मुताबिक, 2 जनवरी को नाबालिग छात्रा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि खानूगांव इलाके में उसे कार में बैठाकर दुष्कर्म किया गया, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी गई.इसी मामले में पुलिस पहले ही 3 जनवरी को मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान (19) को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। अब जांच आगे बढ़ी तो माज खान की भूमिका सामने आई, जिसके बाद रविवार को उसकी गिरफ्तारी की गई।
bhopal love jihad case: वीडियो वायरल करने की धमकी, एक लाख की डिमांड
पुलिस जांच में सामने आया कि ओसाफ अली ने पीड़िता की जानकारी के बिना दुष्कर्म के दौरान उसका वीडियो बना लिया था। कुछ समय बाद उसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से एक लाख रुपए की मांग की गई.बदनामी के डर से छात्रा ने किसी तरह 40 हजार रुपए का इंतजाम कर आरोपी को दिए, लेकिन इसके बाद भी ब्लैकमेलिंग नहीं रुकी। आरोपी बार-बार शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता रहा। परेशान होकर छात्रा ने उसे सोशल मीडिया और फोन पर ब्लॉक किया, तो अलग-अलग नंबरों से कॉल कर उसे डराया गया। जब छात्रा फिर भी नहीं मानी, तो आरोपी ने निजी वीडियो उसके दोस्तों को दिखा दिए।
हेड कॉन्स्टेबल सस्पेंड
इस पूरे मामले में पुलिस विभाग की भी किरकिरी हुई है। डीसीपी जोन-3 अभिनव चौकसे ने कोहेफिजा थाने के हेड कॉन्स्टेबल ज्ञानेंद्र दिवेदी को सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि माज खान को पेश करने और बिना रिमांड जेल भेजने को लेकर एक तरह की ‘डील’ की गई थी.बताया जा रहा है कि यह पूरी बातचीत एक आलीशान होटल में हुई थी। टीआई कृष्ण गोपाल शुक्ला ने ज्ञानेंद्र के संदिग्ध आचरण को लेकर 7 फरवरी को डीसीपी को प्रतिवेदन सौंपा था, जिस पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की गई।
आरोपी का क्राइम रिकार्ड
पुलिस के अनुसार, रेप और लव जिहाद का मुख्य आरोपी ओसाफ अली 12वीं कक्षा का छात्र है। उसके पिता डॉक्टर हैं, जबकि मां सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। ओसाफ अक्सर छात्रा की सहेली से मिलने स्कूल आता था, इसी दौरान सहेली के जरिए उसकी पहचान पीड़िता से हुई।
