मायावती ने योगी की तारीफ
“मैं किसी से छिपकर नहीं मिलती”
Mayawati Comeback: लखनऊ का अंबेडकर मैदान, फिर से नीले झंडों से भर गया। नारे वही थे – “बहन जी को आना ही होगा”, लेकिन इस बार मायावती के लहजे में कुछ बदला-बदला सा था। 9 साल बाद लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन करने आईं BSP सुप्रीमो मायावती ने मंच से ना सिर्फ योगी आदित्यनाथ की तारीफ की, बल्कि सपा को “दोगला” और “स्वार्थी” बताकर सीधे चुनौती भी दी।
पर क्या ये रैली 2027 की वापसी का आगाज है या फिर बीते वक़्त की एक गूंज?
Mayawati Comeback: मंच से मायावती ने क्या कहा?
CM योगी की तारीफ
“कम से कम योगी आदित्यनाथ जैसे लोग अपने फैसलों में दोहरापन नहीं रखते।”
सपा पर तीखा हमला
जैसे ही सत्ता हाथ से जाती है, ये समाजिक न्याय के ठेकेदार बन जाते हैं। जनता अब इनके चेहरे पहचान चुकी है।
आजम खान और ‘छिपी मुलाकातों’ पर जवाब
“मैं किसी से छिपकर नहीं मिलती। जब मिलती हूं, सबके सामने मिलती हूं।
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर परोक्ष हमला
कुछ बिकाऊ लोग बसपा के वोट काटने के लिए उतारे जा रहे हैं। इनसे सतर्क रहना होगा।
भतीजे आकाश को बड़ी जिम्मेदारी
आकाश आनंद को BSP का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया जा रहा है। अब नई पीढ़ी नेतृत्व में आएगी।
Mayawati Comeback: रैली का नजारा–जोश, भीड़ और संकेत
रैली में लाखों की भीड़, झंडे, नारे और महिलाओं-बच्चों की भागीदारी ने साफ संदेश दिया — BSP खत्म नहीं हुई, बस शांत थी। 5 राज्यों से आए समर्थक, लखनऊ में 5 किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम हुआ। कांशीराम की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। आकाश आनंद की जोशीली स्पीच- 2027 में बहन जी 5वीं बार CM बनेंगी।
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Mayawati Comeback: राजनीतिक मायने– संजीवनी या आखिरी प्रयास?
बसपा 2012 से सत्ता से बाहर है।
- 2017: 19 सीट
- 2022: सिर्फ 1 सीट
- 2024 लोकसभा: 0 सीट
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, ये रैली “अर्श से फर्श” का सफर तय कर चुकी BSP के लिए नई ऊर्जा है।
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