बाबा विश्वनाथ के दर्शन
शुक्रवार सुबह करीब 9:45 बजे मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम अपनी पत्नी वीणा रामगुलाम और 70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। वाराणसी, जिसे काशी के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म का एक प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसे 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। मंदिर में पहुंचने पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनका स्वागत किया। उन्होंने पारंपरिक रूप से माला पहनाकर और शॉल भेंटकर मेहमानों का अभिनंदन किया।

षोडशोपचार विधि से अभिषेक
मंदिर में प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी ने बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार विधि से अभिषेक किया। यह एक विशेष पूजा पद्धति है, जिसमें 16 प्रकार की उपचारात्मक सामग्रियों के साथ भगवान शिव की पूजा की जाती है। इस दौरान मंत्रोच्चार और वैदिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया। मंदिर के पुजारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पूजा में गहरी श्रद्धा दिखाई और करीब 30 मिनट तक बाबा के दरबार में समय बिताया। पूजा के बाद नवीनचंद्र रामगुलाम ने अपनी पत्नी को सफेद फूलों की माला पहनाई, जो मॉरीशस की संस्कृति में प्रेम और सम्मान का प्रतीक है।

Mauritius PM Ram Lalla darshan: गंगा आरती में हिस्सा
काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के बाद प्रधानमंत्री और उनका प्रतिनिधिमंडल दशाश्वमेध घाट पहुंचा। यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में हिस्सा लिया। गंगा आरती काशी की एक ऐसी परंपरा है, जो हर शाम हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है। दीपों, मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच गंगा की पूजा का यह दृश्य अत्यंत मनमोहक था। प्रधानमंत्री ने कहा, “गंगा मां का यह दृश्य मेरे लिए अविस्मरणीय है। यह भारत की आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है।” उनके साथ उनकी पत्नी और 70 डेलीगेट्स ने भी इस पल का आनंद लिया। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, ताकि मेहमानों को कोई असुविधा न हो।
अयोध्या की यात्रा: रामलला के दर्शन
शुक्रवार दोपहर मॉरीशस के प्रधानमंत्री का विमान अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। योगी ने नवीनचंद्र रामगुलाम और उनकी पत्नी को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया और शॉल ओढ़ाकर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। स्वागत समारोह में पारंपरिक संगीत और नृत्य की प्रस्तुति दी गई, जो मॉरीशस के मेहमानों को खूब भाई।

राम मंदिर में 25 मिनट की पूजा
एयरपोर्ट से प्रधानमंत्री और उनका प्रतिनिधिमंडल सीधे श्री राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचा। यह मंदिर हाल ही में निर्मित भव्य संरचना है, जिसका उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को हुआ था। मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह विश्व भर के हिंदुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। नवीनचंद्र रामगुलाम ने अपनी पत्नी के साथ 25 मिनट तक रामलला के दर्शन और पूजन किया। पूजा के दौरान मंदिर के पुजारी और ट्रस्ट के अधिकारियों ने उनका मार्गदर्शन किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “रामलला के दर्शन मेरे लिए एक आध्यात्मिक अनुभव है। मॉरीशस के हिंदू समुदाय के लिए अयोध्या का विशेष महत्व है, क्योंकि भगवान राम हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं।” पूजा के बाद उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और वहां की भव्यता की सराहना की। मंदिर ट्रस्ट ने उन्हें रामचरितमानस की एक प्रति और मंदिर का स्मृति चिन्ह भेंट किया।
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अयोध्या में 45 मिनट का प्रवास
प्रधानमंत्री और उनका प्रतिनिधिमंडल अयोध्या में कुल 45 मिनट तक रुका। इस दौरान उन्होंने मंदिर के इतिहास और इसके निर्माण के बारे में जानकारी ली। राम जन्मभूमि न्यास के अधिकारियों ने उन्हें मंदिर के निर्माण में आई चुनौतियों और इसके सांस्कृतिक महत्व के बारे में बताया। इसके बाद वे देहरादून के लिए रवाना हो गए, जहां वे एक अन्य कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले थे।
Mauritius PM Ram Lalla darshan: भारत-मॉरीशस के रेश्ते
मॉरीशस और भारत के बीच गहरे सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध हैं। मॉरीशस की आबादी का बड़ा हिस्सा भारतीय मूल का है, जिनके पूर्वज 19वीं सदी में वहां गए थे। हिंदू धर्म मॉरीशस में सबसे बड़ा धर्म है, और वहां के लोग भगवान शिव, गंगा और भगवान राम की पूजा में गहरी आस्था रखते हैं। नवीनचंद्र रामगुलाम की यह यात्रा इस सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करती है। काशी और अयोध्या की उनकी यात्रा मॉरीशस के हिंदू समुदाय के लिए एक प्रेरणा है।
पीएम मोदी से मुलाकात
इस यात्रा से एक दिन पहले, 11 सितंबर 2025 को, नवीनचंद्र रामगुलाम ने नई दिल्ली में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर चर्चा की। मोदी ने मॉरीशस को भारत का “विशेष मित्र” बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच “गंगा-मॉरीशस सागर” का रिश्ता है। इस मुलाकात ने रामगुलाम की आध्यात्मिक यात्रा के लिए माहौल तैयार किया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Mauritius PM Ram Lalla darshan: काशी और अयोध्या में मॉरीशस के प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। वाराणसी और अयोध्या पुलिस ने वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया। मंदिर परिसरों और घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी की गई। स्थानीय प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखा, ताकि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो।
वाराणसी में PM मोदी और मोरिशियस के PM, मोदी का रोड शो..कहा – भारत-मोरिशियस पार्टनर नहीं परिवार
9 सितंबर 2025 से 16 सितंबर 2025 तक मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम की भारत यात्रा एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटना साबित हुई है। इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में रामगुलाम से मुलाकात की, जो भारत के संसदीय क्षेत्र के रूप में पीएम मोदी का गढ़ है। यह मुलाकात न केवल दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करती है, बल्कि सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रतीक भी है। पूरी खबर…
