MAU HOSPITAL NEWS: जिले में रात का तापमान लगातार कम हो रहा है. जहा अस्पतालों में लेफ्ट वेंटिकुलर फेल्योर व हार्ट की नसों के बंद होने के मामले बढ़ गए हैं.

बता दें की जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को पहले दिन ही ओपीडी में 855 मरीजों में 150 से अधिक ब्लड प्रेसर, सांस लेने में परेशानी की समस्या लेकर पहुंचे थे.
इसमें 5 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर डाक्टर उसका उपचार शुरू किया था. इसको लेकर जिला अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि.. लगातार तापमान में कमी होने से बीपी, अस्थमा, दिल की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों का ग्राफ बढ़ रहा है.
MAU HOSPITAL NEWS:इन मरीजों में 45 साल से लेकर 71 साल तक के व्यक्ति शामिल हैं. गनीमत है कि सही समय पर अस्पताल पहुंचने से सबका इलाज हो गया.
बताया गया कि उनके चेंबर में 55 मरीज हाई बीपी और सांस लेने में दिक्कत की समस्या को लेकर पहुंचे, इसमें 2 मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था.
साथ ही कहा की इसके पीछे कारण है कि ठंड के कारण नसों की सिकुड़न बढ़ जाती हैं.
इससे ब्लड की सप्लाई सही से नहीं हो पाती.
डॉ ने कहा की हार्ट अटैक लक्षण दिखने पर फौरन अस्पताल जाना चाहिए. ऐसे मामलों में शुरुआती 1 घंटा मरीज का जीवन बचाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है.
आईए जानते है हार्ट अटैक के लक्षण
छाती में दर्द या दबाव महसूस होना
छाती से होकर बाएं हाथ में दर्द का जाना
सांस लेने में परेशानी
ज्यादा पसीना आना
चक्कर आना
जी मिचलाना
सीने में भारीपन महूसस होना
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MAU HOSPITAL NEWS: इन बातों का रखें ख्याल
– सुबह की सैर बंद कर दें
– धूप निकलने पर 45 मिनट टहलें
– जिम जाने की बजाय घर में व्यायाम करें
– भोजन में अंडा या मछली शामिल करें
– अपने डॉक्टर के लगातार संपर्क में रहें
– रात के खाने में चिकनाई बहुत कम लें
– शुगर व बीपी वाले मरीज दवाएं दोबारा चेक कराएं
तापमान कम होने से हृदय संबंधी बीमारियों वाले मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। हार्ट अटैक के मामले बढ़ गए हैं। सिर्फ ठंड से बचकर, व्यायाम और संतुलित खानपान से हार्ट अटैक के खतरे को कम किया जा सकता है। पीने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल भी दवा से कम नहीं है।
– डॉ. संजय गुप्ता, सीएमओ
