Dollar-Rupee Market Review: मुम्बई। पिछले हफ्ते शेयर बाजार की चाल कुछ वैसी ही रही जैसे सर्दियों की सुबह धीमी, सुस्त और थोड़ी अनिश्चित। निवेशक पूरे हफ्ते इस बात को लेकर दुविधा में रहे कि आगे की दिशा क्या होगी। अब सबकी नजर अगले हफ्ते होने वाली दो बड़ी घटनाओं पर टिक गई है अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और घरेलू खुदरा महंगाई के ताज़ा आंकड़े।

फेड मीटिंग और महंगाई के आंकड़े तय करेंगे बाजार का मूड
फेड की पॉलिसी मीटिंग 9-10 दिसंबर को होगी। घरेलू स्तर पर नवंबर 2025 की खुदरा महंगाई का डेटा 12 दिसंबर को आएगा बीच में डॉलर और रुपये की खींचतान भी जारी है, और इसका असर सीधे तौर पर इक्विटी मार्केट की चाल में दिखाई दे रहा है।
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पिछले हफ्ते बाजार में बिकवाली का दबाव
औद्योगिक उत्पादन (IIP) के उम्मीद से कमजोर आंकड़ों ने बाजार का मूड और बिगाड़ दिया ऊपर से रुपया भी दबाव में रहा, जिससे निवेशकों में सतर्कता बढ़ी, हालांकि शुक्रवारी सत्र में आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 0.25% कटौती ने थोड़ा उत्साह लौटा दिया खासकर बैंकिंग स्टॉक्स में।
मामूली उतार-चढ़ाव और मिड-स्मॉलकैप पर ज्यादा दबाव
पिछला सप्ताह संवेदनशील जरूर था, पर आंकड़ों में बहुत बड़ी गिरावट नहीं दिखी। सेंसेक्स सिर्फ 5.70 अंकों की बेहद हल्की बढ़त के साथ 85,712.37 पर बंद हुआ था, निफ्टी 50 भी 0.06% फिसलकर 26,186.45 पर बंद हुआ। जहां लार्जकैप स्टॉक्स संभल गए, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप दबाव में रहे। निफ्टी मिडकैप 50 तो 0.23% गिरा, स्मॉलकैप 100 भी 1.80% टूट गया। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से आधे से ज्यादा लाल निशान में रहे।
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