जरांगे बोले ‘चाहे जान चली जाए, नहीं छोड़ूंगा मैदान’
मुंबई: मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने मनोज जरांगे और उनके समर्थकों को दोपहर 3 बजे तक आजाद मैदान खाली करने का आदेश दिया। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो कठोर जुर्माना, अदालत की अवमानना की कार्रवाई, और अन्य कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

हाईकोर्ट का आदेश: आजाद मैदान खाली करो
एक्टिंग चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस आरती साठे की बेंच ने कहा: “आप किसी हाईकोर्ट के जस्टिस को पैदल चलकर अदालत पहुंचने पर मजबूर नहीं कर सकते। सोमवार को जस्टिस रवींद्र घुगे को पैदल चलकर कोर्ट आना पड़ा था, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार को रोक दिया था।”
कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से भी पूछा कि वह आंदोलनकारियों को रोकने के लिए क्या कर रही है?
जरांगे का जिद्दी रुख: ‘चाहे जान चली जाए, मैदान नहीं छोड़ूंगा’
मनोज जरांगे ने हाईकोर्ट के आदेश को ठुकराते हुए कहा: “जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, आजाद मैदान नहीं छोड़ेंगे, चाहे जान ही क्यों न चली जाए।”
उनका आमरण अनशन मंगलवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया है। सोमवार से उन्होंने पानी पीना भी बंद कर दिया है। डॉक्टरों की टीम ने उनका चेकअप किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े हैं।

सरकार की कार्रवाई: हैदराबाद गजेटियर लागू करने की हामी
मराठा आरक्षण उप समिति के अध्यक्ष और मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने बताया कि सरकार ने हैदराबाद गजेटियर लागू करने की मुख्य मांग को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। इस गजेटियर में कुनबी आबादी का डेटा है, जिसके आधार पर ग्राम स्तरीय समितियां कुनबी अभिलेखों की पहचान करेंगी।
विखे पाटिल ने यह भी कहा कि आंदोलनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। 5 लाख से कम की क्षति वाले मामले वापस लिए जाएंगे।
मराठा समुदाय की शक्ति और आरक्षण का सवाल
सरकार का कहना है कि मराठा समुदाय सामाजिक रूप से सबसे शक्तिशाली है। अगर उन्हें OBC श्रेणी में शामिल किया गया, तो कुनबी, तेली तंबोली जैसी जातियों का आरक्षण प्रभावित होगा।

2024 में एकनाथ शिंदे सरकार ने मराठों को 10% आरक्षण देने का विधेयक पेश किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे 50% आरक्षण सीमा का उल्लंघन बताते हुए रद्द कर दिया था।
Read More :- मोदी-जिनपिंग की 50 मिनट बातचीत: सीमा पर शांति, ड्रैगन-हाथी की दोस्ती!
Watch Now :- साल में एक बार खुलता है राधा रानी का मंदिर
