
क्यों भड़की हिंसा?
हिंसा के बाद इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया। 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। ताकि अपवाहों पर लगाम लगा सके। हिंसा की शुरूआत 7 फरवरी की शाम लितान में हुए शराब के नशे में झगड़े से हुई थी, जिसमें तांगखुल नागा समुदाय के स्टर्लिंग नाम के एक शख्स के साथ मारपीट हुई थी। इसके बाद तांगखुल और कुकी जनजातियों के बीच हिंसक झड़प हुई। हालात इतने बिगड़े की कई घरों को आग लगा दी गई। पुलिस के साथ झड़प हुई। हिंसा के दौरान गोलियां चलने की खबर भी सामने आई है।
Manipur Violence Curfew: इलाके में कर्फ्यू
हिंसा के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है। स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण है, भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। तनाव बढ़ने की आशंका के बीच लोगों ने घर छोड़ना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि लितान थाना पुलिस ने लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की है। हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में BSF, CRPF और असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है।

115 नाके और चेकपोस्ट लगाए
इंफाल से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित लितान सरेइखोंग एक छोटा व्यावसायिक कस्बा है, यहां तांगखुल नागा और कुकी दोनों समुदाय रहते हैं। यह गांव आसपास के गांवों के लिए व्यापारिक केंद्र के रूप में काम करता है। हिंसा के बाद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 115 नाके और चेकपोस्ट लगाए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर जरूरी सामान लदे 306 गाड़ियों को सुरक्षा काफिले के साथ सुरक्षित पहुंचाया गया।
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उप-मुख्यमंत्री इलाके में पहुंचे
Manipur Violence Curfew: मणिपुर के उप-मुख्यमंत्री औ नगा नेता लोसी दिखो रविवार से ही यहां डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ बैठक की और तनाव कम करने की कोशिश की। लोसी ने BJP नेता एल न्यूमई की मौजूदगी में अपने लैम्फेल घर पर फुटहिल्स नगा कोऑर्डिनेटिंग कमेटी (FNCC) और जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल (JTC) के नेताओं से भी बात की। वहीं मणिपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी वीडियो पर विश्वास न करें और किसी भी जानकारी की पुष्टि सेंट्रल कंट्रोल रूम से करें।
