मणिपुर में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं । बिष्णुपुर जिले में महज तीन घंटे के भीतर हुए दो IED धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है । इन धमाकों में एक महिला समेत दो लोग घायल हुए हैं । घटना के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी है ।
बिष्णुपुर जिले में लगातार दो धमाके
सोमवार शाम करीब 5 बजकर 45 मिनट पर फौगाकचाओ इखाई पुलिस स्टेशन क्षेत्र के नगाउकोन गांव में पहला धमाका हुआ । यह विस्फोट एक खाली पड़े घर में हुआ. जहां स्थानीय स्तर पर तैयार किया गया IED लगाया गया था ।
पहले धमाके की खबर फैलते ही गांव के लोग मौके पर जमा हो गए । इसी दौरान रात करीब 8 बजकर 45 मिनट पर. घटनास्थल से लगभग 200 मीटर दूर दूसरा विस्फोट हो गया । इस दूसरे धमाके ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया ।
विस्थापन की पृष्ठभूमि में हमला
जिस घर में पहला धमाका हुआ. वह परिवार मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से वहां नहीं रह रहा था । यह परिवार फिलहाल केइबुल लामजाओ इलाके में बने एक राहत शिविर में शरण लिए हुए है ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हिंसा के बाद से गांव में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं । ऐसे में इस तरह की घटनाएं लोगों के भीतर डर को और गहरा कर रही हैं ।
दो लोग घायल, अस्पताल में भर्ती
इन धमाकों में सोइबम सनातोंबा सिंह (52) और नोंथोबाम इंदुबाला देवी (37) घायल हुए हैं । दोनों को तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उनका इलाज जारी है । अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है. लेकिन उन्हें निगरानी में रखा गया है ।
कुकी उग्रवादियों पर शक
प्राथमिक जांच में इन हमलों के पीछे कुकी उग्रवादी समूहों की भूमिका की आशंका जताई जा रही है । हालांकि अभी तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है । घटना के बाद मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया । पुलिस और सुरक्षा बल संदिग्धों की तलाश में गांव और जंगल क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन कर रहे हैं ।
NIA को सौंपी गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए मणिपुर सरकार ने जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी है । सरकार का कहना है कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से साजिश की पूरी परतें सामने आ सकेंगी । NIA अब यह भी जांच करेगी कि IED कहां से लाए गए. किसने उन्हें तैयार किया और इसके पीछे का नेटवर्क क्या है ।
