एक साथ 4 दर्जन जहरीले सांप देख गांव में मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के ग्राम साबाखेड़ा में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक किसान के बाड़े में एक साथ कोबरा प्रजाति के 4 दर्जन सांपों के बच्चों का रेस्क्यू किया गया। सांपों की इतनी बड़ी संख्या देख ग्रामीण दहशत में आ गए। हालांकि स्थानीय स्नेक कैचर की मदद से सभी सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ दिया गया।
इतने सांप देखकर घबराया किसान
ग्राम साबाखेड़ा निवासी किसान गोपाल वशीठा जब अपनी गायों को चारा-पानी देने बाड़े में पहुंचे तो उन्हें जमीन में बने कच्चे बिल से एक सांप का बच्चा बाहर निकलता हुआ दिखाई दिया। पहले तो उन्होंने ध्यान नहीं दिया, लेकिन जैसे ही एक के बाद एक कई सांप के बच्चे दिखाई देने लगे, वे घबरा गए और पास के किसानों को बुलाकर मामले की जानकारी दी।
स्नेक कैचर ने किया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही गांव के स्थानीय स्नेक कैचर दुर्गेश पाटीदार को बुलाया गया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर करीब 1 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लगभग 4 दर्जन कोबरा सांपों के बच्चों को बिल से बाहर निकालकर सुरक्षित तरीके से शिवना नदी के किनारे स्थित जंगल में छोड़ दिया। दुर्गेश पाटीदार के अनुसार, “ये सभी सांप बेहद जहरीले हैं और इनमें उतना ही ज़हर होता है जितना किसी बड़े कोबरा में। इनकी प्रवृत्ति भी काफी आक्रामक होती है।”रेस्क्यू के दौरान यह भी देखा गया कि कुछ सांप आसपास के अन्य बिलों में तेजी से छिप गए, जिससे उनका रेस्क्यू नहीं हो सका। स्नेक कैचर ने बताया कि जल्द ही दोबारा जाकर बाकी सांपों को भी सुरक्षित निकाला जाएगा ताकि गांव वालों को कोई खतरा न रहे।
सांपों को न मारने की अपील
इस पूरी घटना के बाद मंदसौर जिला वन मंडल अधिकारी संजय राय खेरे ने ग्रामीणों से अपील की कि “सांप प्रकृति का बेहद जरूरी हिस्सा हैं और इकोसिस्टम को संतुलित बनाए रखने में इनकी अहम भूमिका होती है। यदि इस तरह की घटनाएं फिर सामने आती हैं तो वन विभाग को तुरंत सूचना दें, ताकि रेस्क्यू टीम समय पर पहुंचकर सुरक्षित कार्रवाई कर सके।”
क्यों खतरनाक होते हैं कोबरा के बच्चे?
विशेषज्ञों के अनुसार, कोबरा सांपों के नवजात शिशु भी उतने ही जहरीले होते हैं जितना कि वयस्क। इनकी आक्रामक प्रवृत्ति, कम अनुभव, और डर की स्थिति में तेजी से वार करने की प्रवृत्ति इन्हें और अधिक खतरनाक बनाती है। यदि इन्हें सुरक्षित तरीके से न संभाला जाए, तो ये गंभीर चोट या मृत्यु तक का कारण बन सकते हैं।
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