Mandi bomb threat : नेरचौक मेडिकल कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी

Mandi bomb threat: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के नेरचौक मेडिकल कॉलेज को मंगलवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। इस धमकी के बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल को खाली करवा लिया और सभी मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया। यह धमकी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. डीके वर्मा की ईमेल पर मिली, जिससे तुरंत सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट कर दिया गया।
मरीजों और तीमारदारों में मची अफरातफरी
आगामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बीच यह धमकी और भी गंभीर बन गई, क्योंकि पूरे इलाके में सुरक्षा चाक चौबंद थी। जैसे ही अस्पताल प्रशासन को बम धमकी का पता चला, उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल कदम उठाते हुए अस्पताल परिसर को खाली करवा लिया और बम निरोधक दस्ते को मौके पर भेज दिया। करीब 300 मरीजों को अस्पताल भवन से सुरक्षित बाहर निकाला गया, जहां उन्हें स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर पेड़ों की छांव में बैठाया गया।
यह स्थिति तीमारदारों के लिए भी बेहद कठिन हो गई। मरीजों के साथ-साथ उनके तीमारदार भी अस्पताल के बाहर बाहर आते हुए परेशान दिखे। चार मंजिला अस्पताल को खाली कराने के लिए स्नीफर डॉग का भी सहारा लिया गया और परिसर में खड़े सभी वाहनों को बाहर निकाल लिया गया, ताकि कोई भी संदिग्ध वस्तु या बम अस्पताल के भीतर न हो।
सुरक्षा जांच जारी: बम निरोधक दस्ता सक्रिय
पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीम अस्पताल परिसर में लगातार जांच कर रही है। अस्पताल के प्रत्येक कोने को खंगालने के बाद, उन्हें वहां कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। हालांकि, पूरे परिसर को सेफ घोषित होने में अभी वक्त लग सकता है। इस दौरान, आसपास के इलाके में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
इस घटना ने एक बार फिर से राज्य में बढ़ती बम धमकी की घटनाओं को लेकर चिंता पैदा कर दी है। इससे पहले भी हिमाचल हाईकोर्ट, शिमला मुख्य सचिव कार्यालय, कुल्लू, हमीरपुर, सिरमौर, कांगड़ा और अन्य जिलों में इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। ये घटनाएँ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं और सरकार को इन मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता महसूस होती है।

सावधानी और सतर्कता की अहमियत
इस धमकी के बाद, अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और पूरी सतर्कता के साथ काम किया। हिमाचल प्रदेश में आने वाले समय में सुरक्षा और खुफिया तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान ऐसी घटनाओं को देखते हुए, पूरी सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद किया गया है, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
Read More:- टाटा की गाड़ियां ₹1.55 लाख तक सस्ती, GST दरों में बदलाव का असर
Watch:- US ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया
