Makhana cultivation Madhya Pradesh Bihar model : मध्य प्रदेश में बिहार की तर्ज पर मखाना की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने नर्मदापुरम, बालाघाट, छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में मखाना उत्पादन को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत प्रदेश में 150 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना खेती विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य
मखाना खेती के पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है। बिहार में मखाना खेती ने किसानों की आमदनी बढ़ाई है, उसी मॉडल को अब मध्य प्रदेश में लागू किया जा रहा है। मखाना उत्पादन छोटे तालाबों और जलाशयों में सिंघाड़े की तरह किया जा सकता है, जिससे जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग होगा।
जिलों का चयन
मखाना खेती के पायलट प्रोजेक्ट के लिए नर्मदापुरम, बालाघाट, छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों का चयन किया गया है। इन जिलों में किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन के साथ-साथ बीज, प्रशिक्षण और प्रसंस्करण सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। इस प्रोजेक्ट के तहत 150 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना खेती विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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किसानों को लाभ
मखाना उत्पादन करने वाले किसानों को सरकार की ओर से 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर या लागत का 40% तक अनुदान मिलेगा। फिलहाल इस योजना के अंतर्गत 99 किसानों ने ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। यह पहल किसानों के लिए नए आय स्रोत और प्रदेश में मखाना उद्योग के विकास का अवसर प्रदान करेगी।
मध्य प्रदेश में बिहार की तर्ज पर मखाना खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नर्मदापुरम, बालाघाट, छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस योजना के तहत 150 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना खेती विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाएगा। यह पहल किसानों के लिए नए आय स्रोत और प्रदेश में मखाना उद्योग के विकास का अवसर प्रदान करेगी।
