क्यों मनाया जाता है मकर संक्रांति पढ़िए…
Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है जो आज मंगलवार को मनाई जाएगी। आपको बतादें की इस दिन को विशेष रूप से खिचड़ी संक्रांति भी कहा जाता है। लोग इस दिन पुण्यकाल में सुबह से ही पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और सूर्य उपासना, जप, अनुष्ठान और दान दक्षिणा करने की परंपरा निभाते हैं। इस साल मकर संक्रांति के साथ विष्कुंभ योग और पुनर्वसु नक्षत्र का संयोग बन रहा है जो इसे और भी शुभ बनाता है। इसके साथ साथ भारतीय संस्कृति के अनुसार आज के दिन हमारे देश में पतंग उड़ाए जाते है।

13 अखाड़े के नागा, संन्यासी संगम तट पर करेंगे स्नान
Makar Sankranti 2025: आपको बतादें की महाकुंभ का पहला अमृत स्नान भी आज ही होगा आज सभी 13 अखाड़े अपने नागा संन्यासियों के साथ संगम तट पर स्नान करेंगे। इसके अलावा दो अन्य महत्वपूर्ण अमृत स्नान आगामी 29 जनवरी मौनी अमावस्या और 3 फरवरी वसंत पंचमी को होंगे।

मकर संक्रांति के दिन क्या करना चाहिए पढ़िए…
Makar Sankranti 2025: ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस वर्ष मकर संक्रांति के दिन सूर्य भगवान 14 जनवरी को सुबह 8:55 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। पुण्यकाल सुबह 8:55 से लेकर शाम 5:43 तक रहेगा। इस दौरान स्नान और दान करना विशेष रूप से शुभ होता है। मकर संक्रांति के दिन तिल,गुड़, मिठाई और खिचड़ी सामग्री दान करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। यदि किसी की कुंडली में सूर्य-शनि का दोष है तो इस दिन सूर्य उपासना और काले तिल दान करने से वह दोष दूर हो सकते हैं।
16 जनवरी से शुरू होगी शुभ मुहूर्त
Makar Sankranti 2025: आपको बतादें की मकर संक्रांति के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा और इस दिन से मांगलिक कार्यों जैसे शादी,सगाई,मुंडन और गृह प्रवेश की शुरुआत भी हो सकेगी। 16 जनवरी से शुभ मुहूर्त भी शुरू होंगे।
