Maithili Thakur politics news: देश-विदेश में अपनी सुरीली आवाज और लोकगीतों से लाखों दिलों पर राज करने वाली फेमस सिंगर मैथिली ठाकुर इन दिनों संगीत से ज्यादा राजनीति की सुर्खियों में हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर जहां राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं, वहीं अब चर्चा है कि मैथिली ठाकुर भी इस बार चुनावी मैदान में उतर सकती हैं।

बीजेपी नेताओं से लगातार मुलाकातें
बीते कुछ महीनों से मैथिली ठाकुर और उनके पिता की बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकातें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इन मुलाकातों के बाद सोशल मीडिया पर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मैथिली ठाकुर को भाजपा टिकट देकर बिहार चुनाव में उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
नित्यानंद राय और विनोद तावड़े से मुलाकात
हाल ही में मैथिली ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) विनोद तावड़े से मुलाकात की थी। जब उनसे इस मुलाकात को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा:
हां, मैं विनोद तावड़े जी और नित्यानंद राय जी से मिली थी। हमने बिहार की स्थिति और उसके भविष्य पर काफी चर्चा की। बहुत सारी बातें हुईं, देखते हैं अभी, कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
मैथिली की इस स्वीकारोक्ति के बाद सोशल मीडिया पर ‘मैथिली ठाकुर राजनीति में’ ट्रेंड करने लगा। वहीं, मुलाकात की तस्वीरें विनोद तावड़े ने अपने X (पहले ट्विटर) अकाउंट पर शेयर कर दीं, जिससे यह चर्चा और तेज हो गई।

मैथिली ठाकुर की पसंदीदा सीट कौनसी?
जब मैथिली से पूछा गया कि अगर वह राजनीति में आती हैं तो कौनसी सीट से चुनाव लड़ना चाहेंगी, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें दरभंगा सीट बेहद पसंद है।
दरभंगा उनका जन्मस्थान और सांस्कृतिक केंद्र भी माना जाता है। यही वजह है कि मैथिली का इस सीट से लगाव गहरा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर बीजेपी मैथिली ठाकुर को दरभंगा या आसपास की किसी सीट से उतारती है, तो युवाओं और सांस्कृतिक मतदाताओं में उन्हें मजबूत समर्थन मिल सकता है।
Maithili Thakur politics news: बीजेपी दे सकती है टिकट
सूत्रों के मुताबिक, बिहार में युवाओं और महिला मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए भाजपा मैथिली ठाकुर को चुनावी चेहरा बनाने पर विचार कर रही है।
उनकी लोकप्रियता, साफ छवि और बिहार से भावनात्मक जुड़ाव उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बना सकता है।
बीजेपी की रणनीति यह भी हो सकती है कि मैथिली ठाकुर को राज्यसभा या संगठन स्तर पर कोई अहम जिम्मेदारी दी जाए, जिससे वे पार्टी के लिए सांस्कृतिक और जनसंपर्क चेहरा बन सकें।
कौन हैं मैथिली ठाकुर?
मैथिली ठाकुर का जन्म बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में हुआ था। उन्होंने अपने पिता रामावतार ठाकुर से संगीत की प्रारंभिक शिक्षा ली।
बचपन से ही मैथिली का रुझान शास्त्रीय संगीत और लोकगीतों की ओर रहा।

संगीत करियर की शुरुआत
मैथिली ने राइजिंग स्टार जैसे टीवी शो में अपनी आवाज से देशभर में पहचान बनाई। बाद में उनके मिथिला लोकगीत और भजन यूट्यूब और सोशल मीडिया पर लाखों लोगों के दिलों में बस गए।
उनके वीडियो न सिर्फ भारत बल्कि नेपाल, मॉरीशस और यूके जैसे देशों में भी लोकप्रिय हैं।
मैथिली को भोजपुरी, मैथिली, हिंदी और संस्कृत में गायन की महारत हासिल है। उन्होंने कई धार्मिक आयोजनों और राष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुति दी है।
सोशल मीडिया पर लोकप्रिय चेहरा
मैथिली ठाकुर सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं। उनके यूट्यूब चैनल पर मिलियनों सब्सक्राइबर्स हैं और उनके भजन, लोकगीत, कव्वालियां लाखों व्यूज़ बटोरते हैं।
उनकी सादगी और पारंपरिक छवि ने उन्हें ग्रामीण और शहरी दोनों वर्गों में लोकप्रिय बनाया है।
राजनीति में आने पर क्या कहा मैथिली ने?
Maithili Thakur politics news: राजनीति में आने के सवाल पर मैथिली ठाकुर ने कहा कि,
मैं हमेशा समाज और संस्कृति के लिए काम करना चाहती हूं। अगर राजनीति के माध्यम से लोगों की सेवा करने का मौका मिला तो जरूर सोचूंगी। लेकिन अभी कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया गया है।”
उनके इस बयान से यह तो साफ है कि वह राजनीति से इनकार नहीं कर रहीं, बल्कि परिस्थितियों को देखकर फैसला लेना चाहती हैं।
