mahisagar bridge collapse gujarat 2025: गुजरात में बड़ा पुल हादसा: महिसागर नदी में 4 लोग लापता
mahisagar bridge collapse gujarat 2025: गुजरात के वडोदरा जिले में बुधवार को महिसागर नदी पर बना 45 साल पुराना पुल अचानक टूट गया, जिससे 5 वाहन नदी में गिर गए। हादसे के बाद से राज्य में हड़कंप मच गया है। अब तक 15 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 4 लोग अब भी लापता हैं। पुल टूटने का कारण प्रशासनिक लापरवाही और वर्षों से चली आ रही अनदेखी मानी जा रही है।
कैसे हुआ हादसा?
घटना बुधवार सुबह की है जब वडोदरा और आणंद को जोड़ने वाला यह पुल पूरी तरह से ट्रैफिक में था। अचानक पुल का एक बड़ा हिस्सा गिर गया, जिससे दो ट्रक, दो कार और एक ई-रिक्शा सीधे नदी में समा गए। एक टैंकर पुल के टूटे सिरे पर अटक गया। इस भीषण हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य बुरी तरह घायल हुए हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना के बाद स्थानीय लोग और राहत दल मौके पर पहुंचे। NDRF और SDRF की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, जिसमें अब तक 8 लोगों को जीवित बाहर निकाला गया है। एक महिला को पानी में अपने पति और बेटे की तलाश करते हुए देखा गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासन की तरफ से शुरुआती घंटों में कोई मदद नहीं मिली।

चश्मदीदों की आंखों देखी
बाइक समेत नदी में गिरे
राजूभाई अथिया ने बताया, “हम पुल पर थे, तभी अचानक वह ढह गया। मैं बाइक समेत नदी में गिरा और किसी तरह बचकर गाड़ी के ऊपर चढ़ गया। मेरा दोस्त अब भी लापता है।”
पंक्चर ने बचाई जान
23 वर्षीय महेशभाई परमार ने बताया, “हम दो दोस्त काम पर जा रहे थे। बाइक पंक्चर हो गई। जैसे ही ठीक कराकर पुल पर चढ़े, पुल टूट गया। हम कुछ ही दूरी पर थे, वरना हम भी नदी में गिर जाते।”
ब्रेक लगाया और बच गए
25 वर्षीय संजय चावड़ा ने बताया, “हम तीन दोस्त बाइक से काम पर जा रहे थे। सामने अचानक पुल टूट गया, तुरंत ब्रेक लगाया। अगर पल भर की देरी होती, तो हम भी हादसे का शिकार हो जाते।”
पुल की स्थिति पहले से खराब थी
यह पुल 1981-82 में उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम द्वारा बनाया गया था। 2015 में इसकी बेयरिंग बदली गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार प्रशासन को कई बार मरम्मत की मांग की गई थी। बावजूद इसके कोई कार्यवाही नहीं की गई।
प्रशासन पर गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि 45 साल पुराने पुल की मरम्मत बार-बार मांगने के बावजूद प्रशासन ने नजरअंदाजी की। अब जब यह पुल ढह गया है, तो यह स्पष्ट रूप से सरकारी लापरवाही का नतीजा है।
यातायात पर असर
यह पुल दक्षिण गुजरात को सौराष्ट्र से जोड़ता था। अब भरूच, सूरत, नवसारी और वलसाड जैसे शहरों से सौराष्ट्र जाना बेहद कठिन हो गया है। फिलहाल यात्रियों को अहमदाबाद होकर घूमकर जाना पड़ रहा है, जिससे यात्रा लंबी और खर्चीली हो गई है।
गुजरात के महिसागर पुल हादसे ने एक बार फिर बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर समय रहते पुल की मरम्मत की जाती, तो शायद ये जानें बचाई जा सकती थीं। अब पूरा प्रदेश उम्मीद कर रहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।
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