Mahesh Babu ED Summon: साउथ के सुपरस्टार महेश बाबू साईं सूर्या डेवलपर्स और सुराणा प्रोजेक्ट के धोखाधड़ी के मामले में फसते नजर आ रहें हैं। उनको प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में 28 अप्रैल 2025 को तलब किया है। इससे पहले ईडी ने 16 अप्रैल को तेलंगाना में कई जगहों पर छापेमारी की थी।

आपको बता दें कि, महेश बाबू इस मनी लॉन्ड्रिंग के केस से इसलिए जुड़े हुए हैं, क्योंकि वो दोनों कंपनियों के लिए ब्रांड एंबेसडर के रूप में काम किया था।
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क्या है पूरा मामला?
यह जांच PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत की जा रही है और मुख्य रूप से साई सूर्या डेवलपर्स की एक परियोजना ‘ग्रीन मीडोज’ से संबंधित है। कंपनी पर परियोजना को समय पर पूरा न करने और निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का आरोप है। साईं सूर्या डेवलपर्स के मालिक सतीश चंद्र गुप्ता हैदराबाद के जाने-माने रियल एस्टेट बिजनेसमैन हैं।

कैसे फसे महेश बाबू?
सूत्रों के अनुसार, अभिनेता महेश बाबू साई सूर्या डेवलपर्स के मालिक कंचरला सतीश चंद्र गुप्ता ‘ग्रीन मीडोज’ नाम की परियोजना के ब्रांड एंबेसडर थे। फिलहाल उनके खिलाफ कोई आपराधिक आरोप नहीं है, लेकिन ईडी यह जानना चाहती है कि उन्हें इस परियोजना से जुड़े प्रमोशनल एक्टिविटी के लिए कितना भुगतान हुआ और क्या उन्हें इसकी वित्तीय स्थिति की जानकारी थी।

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने की शिकायत…
हैदराबाद निवासी एक 32 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर नक्का विष्णु वर्धन ने मधुरा नगर पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2021 में उन्होंने और अन्य लोगों ने ‘ग्रीन मीडोज’ वेंचर (शादनगर, 14 एकड़ भूमि) में 3 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया था।
परियोजना में अन्य निवेशक शामिल..
सूत्रों के अनुसार, परियोजना में निवेश करने वाले अन्य लोगों में डॉ. सुधाकर राव, श्रीकाकुलमा विटल महेश, राजेश, श्रीनाथ, के हरीश, कोटला शशांक, रवि कुमार, के प्रभावती, वेंकट राव और कृष्ण मोहन शामिल हैं। जांच का दायरा अब सुराना ग्रुप तक भी बढ़ चुका है। दोनों ही रियल एस्टेट फर्मों की फंडिंग और फाइनेंशियल लेन-देन की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
