ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहना सही नहीं है। उन्होंने शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गौ-हत्या का एजेंट होने का आरोप लगाने वाले बयान का भी समर्थन किया। दरअसल, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए गो प्रतिष्ठा आंदोलन चलाया जा रहा है, और इस सिलसिले में गौ ध्वज स्थापना यात्रा रायपुर पहुंची।
रायपुर के दीनदयाल ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शंकराचार्य ने कहा कि “राष्ट्रपिता” जैसी कोई पदवी हमारे यहां मान्य नहीं है। भारत का अस्तित्व अनादिकाल से है, और इसे किसी ने जन्म नहीं दिया। इसके विपरीत, जब पाकिस्तान बना, तो मोहम्मद अली जिन्ना को ‘कायदे आज़म’ और राष्ट्रपिता की उपाधि दी गई, क्योंकि पाकिस्तान एक नया राष्ट्र था।
उन्होंने कहा कि भारत पहले से ही एक सजीव राष्ट्र है, और इसका कोई “पिता” नहीं हो सकता। महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहना केवल एक अफवाह है। अगर वे राष्ट्रपिता होते, तो उनसे पूछा जाता कि उन्होंने किस राष्ट्र को जन्म दिया। उनका खुद जन्म भारत में हुआ था, तो वे कैसे राष्ट्रपिता हो सकते हैं? शंकराचार्य ने यह भी कहा कि जब गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाएगा, तब इस विषय पर और अधिक स्पष्टता मिलेगी।
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