26 फरवरी 2025 को बुधवार के दिन विशेष ग्रहों के दुर्लभ योग
Mahashivratri 2025 : महाशिवरात्रि,26 फरवरी 2025 को बुधवार के दिन विशेष ग्रहों के दुर्लभ योग बन रहे हैं। भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, इस दिन कई ग्रहों के मिलन से शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।
आइए, जानते हैं इन विशेष ग्रहों के योग और महाशिवरात्रि की पूजा विधि के बारे में:
Mahashivratri 2025 : सूर्य और शनि का कुंभ राशि में मिलन
इस महाशिवरात्रि पर सूर्य और शनि कुंभ राशि में होंगे। सूर्य, शनि के पिता हैं और कुंभ शनि की राशि है। इस विशेष स्थिति में सूर्य अपने पुत्र शनि के घर में रहेंगे, जो एक शुभ संयोग है।
शुक्र और राहु का मीन राशि में मिलन
शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में और राहु भी मीन राशि में रहेगा। यह गुरुशिष्य का एक प्रभावी योग बना रहा है। यह विशेष संयोजन शिव पूजा के लिए शुभ है।
यह योग 149 साल बाद बन रहा है, जब 1873 में ऐसा योग बना था और उस दिन भी महाशिवरात्रि बुधवार को मनाई गई थी। इस तरह का दुर्लभ योग भक्तों के लिए विशेष लाभकारी हो सकता है, क्योंकि इस समय की गई शिव पूजा से नकारात्मकता समाप्त होती है और रुके हुए कार्यों में सफलता मिल सकती है। साथ ही, विवादों का भी समाधान हो सकता है।
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Mahashivratri 2025 : महाशिवरात्रि पूजा विधि
सुबह की पूजा
जल्दी उठकर स्नान करें और उगते सूर्य को जल अर्पित करें।
फिर, घर के मंदिर में गणेश पूजा करें और उसके बाद भगवान शिव का पंचोपचार या षोडषोपचार पूजन करें।
व्रत का संकल्प
महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने का संकल्प लें।
अन्न का त्याग करें और फलाहार करें यदि भूखा रहना संभव न हो।
पूरे दिन “ऊँ नम: शिवाय” मंत्र का जप करें और क्रोध, काम, नशे जैसी चीजों से दूर रहें।
शाम और रात की पूजा
सूर्यास्त के बाद भी शिव पूजा करें। यदि संभव हो, तो रात को शिवलिंग पूजा करें, क्योंकि रात की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
पूजा करते समय उत्तर दिशा की ओर मुंह करके पूजा करें और मस्तक पर चंदन या भस्म का त्रिपुंड लगाएं।
शिवलिंग पर चढ़े हुए पुराने बिल्व पत्र को धोकर फिर से चढ़ा सकते हैं, यदि नए बिल्व पत्र उपलब्ध न हों।
विशेष अभिषेक
शिवलिंग का गन्ने के रस से अभिषेक शुभ माना जाता है।
रात के नौ बजे दही से शिव अभिषेक करें और फिर रात बारह बजे दूध से अभिषेक करें।
अंतिम पूजन रात तीन बजे करें।
अगले दिन का संकल्प
अगले दिन सुबह जरूरतमंदों को भोजन कराएं और फिर स्वयं अन्न ग्रहण करें। इस तरह से महाशिवरात्रि का व्रत पूरा होता है।
महाशिवरात्रि के लाभ
महाशिवरात्रि पर रातभर जागकर शिवलिंग का पूजन करने से…
पूरे सालभर की पूजा का पुण्य फल प्राप्त होता है।
साथ ही, इस दिन की गई पूजा से शिव जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
और जीवन की परेशानियाँ समाप्त होती हैं।
इन ग्रहों के दुर्लभ योग के प्रभाव से…
इस महाशिवरात्रि का व्रत और पूजा विशेष रूप से लाभकारी हो सकती है।
