छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी का खुलासा किया है। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और सिंघोड़ा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने पिकअप वाहन से 2 क्विंटल 25 किलो गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब 1 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई है। इस कार्रवाई में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो ओडिशा से उत्तर प्रदेश तक अवैध खेप पहुंचाने की योजना में शामिल थे।
तरबूज की आड़ में छिपाया गया गांजा
पुलिस जांच में सामने आया कि तस्करों ने गांजे को बेहद चालाकी से छिपाया था। पिकअप वाहन में ऊपर की तरफ तरबूज लोड किए गए थे, जबकि उनके नीचे प्लास्टिक की बोरियों में गांजा रखा गया था। इस तरीके का उद्देश्य चेकिंग के दौरान पुलिस को भ्रमित करना था, ताकि वाहन सामान्य फल-सब्जी परिवहन जैसा लगे और जांच से बचा जा सके। पूछताछ में वाहन चालकों ने केवल तरबूज होने की बात कही, लेकिन संदेह होने पर पुलिस ने गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान पिकअप में रखे तरबूज हटाने पर नीचे छिपाकर रखी गई 9 बोरियों में गांजा बरामद हुआ। कुल 2 क्विंटल 25 किलो गांजा जब्त किया गया और मौके से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
1.25 करोड़ की संपत्ति जब्त
एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल 1 करोड़ 25 लाख 20 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। इसमें गांजा, पिकअप वाहन, एक कार और 6 मोबाइल फोन शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में चार उत्तर प्रदेश और दो मध्य प्रदेश के निवासी हैं।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS Act की धारा 20(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
