महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को हुई मतगणना के शुरुआती रुझानों ने ही साफ कर दिया कि इस बार नगर निगम चुनाव सिर्फ स्थानीय सत्ता का सवाल नहीं थे, बल्कि राज्य की सियासी दिशा तय करने वाले साबित हुए। मुंबई से नागपुर तक, भगवा झंडा हर तरफ लहराता दिखा और विपक्ष लगभग हाशिये पर चला गया।
महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026: पहली बार बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी
राज्य की सबसे अहम और देश की सबसे अमीर बीएमसी में 45 साल बाद भाजपा ने इतिहास रच दिया है।.227 सीटों वाली बीएमसी में भाजपा गठबंधन 116 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो स्पष्ट बहुमत के करीब है. भाजपा अकेले 88 सीटों पर आगे है, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 28 सीटों पर सफलता मिली है। इस तरह मुंबई की सत्ता पर पहली बार पूरी तरह भगवा छाया नजर आ रहा है.
महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026: मुंबई में मेयर की कुर्सी अब भाजपा के करीब
अब तक बीएमसी के इतिहास में भाजपा का कोई मेयर नहीं बन पाया था. 2017 में शिवसेना 84 और भाजपा 82 सीटों पर सिमट गई थी। लेकिन इस बार समीकरण बदल चुके हैं. भाजपा ने संकेत दिए हैं कि मेयर मराठी समुदाय से होगा, जिससे मुंबई की राजनीति में नया अध्याय जुड़ने वाला है।
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29 में से 23 नगर निगमों में महायुति की जीत
महाराष्ट्र भर के 29 नगर निगमों में आए रुझानों में 23 निगमों में भाजपा-नेतृत्व वाली महायुति को बढ़त मिलती दिख रही है. मुंबई, पुणे, नागपुर और नासिक जैसे बड़े शहरों में विपक्ष को करारी शिकस्त मिली है। यह नतीजे 2024 के बाद पहली बार राज्य की जमीनी राजनीति की तस्वीर इतनी साफ तौर पर सामने रखते हैं.
विपक्ष की स्थिति
एमसी में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने 66 सीटों पर बढ़त दर्ज की है। यह दिखाता है कि मुंबई में उनका पारंपरिक वोट बैंक पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. हालांकि कांग्रेस को सिर्फ 24 सीटों से संतोष करना पड़ा, जबकि मनसे 6 और एनसीपी महज 3 सीटों पर सिमट गई।
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मालेगांव में ओवैसी की पार्टी किंगमेकर
मालेगांव नगर निगम में असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम किंगमेकर की भूमिका में उभरी है। यहां किसी भी गठबंधन के लिए सरकार बनाना ओवैसी की पार्टी के समर्थन के बिना मुश्किल नजर आ रहा है, जिससे स्थानीय राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है.
नेताओं की प्रतिक्रियाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए की जीत पर महाराष्ट्र की जनता का आभार जताते हुए कहा कि लोगों ने विकास के ट्रैक रिकॉर्ड और विजन पर भरोसा जताया है.
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इसे कार्यकर्ताओं की मेहनत और विकास की राजनीति की जीत बताया
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि जनता ने काम और विकास को चुना है, न कि खोखले वादों को
वहीं विपक्ष पर तंज कसते हुए नेताओं ने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस का “सुपड़ा साफ” होना जनता के मूड को साफ दिखाता है।
नतीजों के मायने
नगर निगम चुनाव के ये नतीजे सिर्फ शहरी सत्ता का फैसला नहीं हैं। यह साफ संकेत हैं कि महाराष्ट्र में फिलहाल भाजपा और उसकी महायुति का राजनीतिक ग्राफ ऊंचाई पर है। बीएमसी की जीत ने पार्टी को न सिर्फ आर्थिक राजधानी में मजबूत किया है, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भी बड़ा मनोवैज्ञानिक बढ़त दे दी है।
