गरबा में गैर-हिंदुओं पर प्रतिबंध, विपक्ष बोला- सांप्रदायिकता फैलाने की साजिश
navratri in maharashtra: महाराष्ट्र में नवरात्रि के मौके पर गरबा आयोजनों को लेकर विवाद छिड़ गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने एक एडवाइजरी जारी कर गरबा में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। VHP का कहना है कि गरबा धार्मिक आयोजन है, न कि सिर्फ मौज-मस्ती का त्योहार। इसलिए, इसमें सिर्फ हिंदू ही भाग ले सकेंगे—और भी हैरान करने वाली बात यह है कि एंट्री गेट पर तिलक लगाना, रक्षा सूत्र बंधवाना, और हिंदू देवता की पूजा अनिवार्य की गई है। कुछ रिपोर्ट्स में तो यह भी कहा गया है कि किया जा सकता है।

इस फैसले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तूल पकड़ लिया है। विपक्षी दल इसे बता रहे हैं, जबकि भाजपा और VHP इसे हिंदू संस्कृति की रक्षा का कदम बताते हैं। आइए, जानते हैं कि आखिर क्या है पूरा मामला और इसका राजनीतिक और सामाजिक असर क्या होगा?
VHP का फरमान: गरबा में सिर्फ हिंदू
शनिवार को एक एडवाइजरी जारी कर कहा गरबा आयोजनों में सिर्फ हिंदुओं को ही एंट्री मिलेगी। गैर-हिंदू इनमें भाग नहीं ले सकेंगे। एंट्री गेट पर तिलक लगाना, हाथों पर रक्षा सूत्र बंधवाना, और हिंदू देवता की पूजा अनिवार्य होगी। आयोजकों से आधार कार्ड की जांच करने की भी सिफारिश की गई है।
VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने कहा
गरबा सिर्फ एक नृत्य नहीं, बल्कि देवी को प्रसन्न करने की पूजा पद्धति है। इसलिए, इसमें सिर्फ उन्हीं लोगों को शामिल होना चाहिए, जो हिंदू अनुष्ठानों में आस्था रखते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम जैसे मामलों को रोकने के लिए जरूरी है।
महाराष्ट्र सरकार का रुख:
आयोजकों को फैसला लेने का अधिकार
garba in maharashtra: महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (भाजपा) ने कहा
हर आयोजन समिति को अपने नियम तय करने का अधिकार है। जब तक उनके पास पुलिस की अनुमति है, तब तक कोई समस्या नहीं है।
भाजपा के मीडिया प्रमुख नवनाथ बान ने भी कहा
गरबा एक हिंदू आयोजन है, और अन्य धर्मों के लोगों को इसमें दखल नहीं देना चाहिए।
विपक्ष का आरोप: सांप्रदायिकता फैलाने की साजिश
विपक्षी दलों ने VHP के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत ने कहा:
“देश में सांप्रदायिक माहौल बनाना उनकी रोजी-रोटी है। वे समाज को बांटना चाहते हैं, लेकिन यह महाराष्ट्र या देश को शोभा नहीं देता।”
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा:
“भाजपा और उसके संगठन सत्ता हासिल करने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं। वे धर्म के नाम पर समाज में आग लगाना चाहते हैं।”
गरबा: संस्कृति या राजनीति?
गरबा गुजरात और महाराष्ट्र का एक लोकप्रिय त्योहार है, जो नवरात्रि के दौरान मनाया जाता है। यह नृत्य, संगीत, और देवी की पूजा का संयोजन है। लेकिन अब यह राजनीतिक और धार्मिक विवाद का विषय बन गया है।

सवाल यह है कि क्या गरबा सिर्फ हिंदुओं का त्योहार है?
कुछ लोग कहते हैं कि गरबा सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें सभी धर्मों के लोग शामिल हो सकते हैं। VHP और भाजपा का कहना है कि यह धार्मिक आयोजन है, इसलिए इसमें सिर्फ हिंदू ही भाग ले सकते हैं।
समाज पर क्या होगा असर?
इस फैसले से सामाजिक एकता पर असर पड़ सकता है गैर-हिंदू समुदाय में नाराजगी हो सकती है। महाराष्ट्र और गुजरात में सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है। राजनीतिक दल इसे वोट बैंक के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
नवरात्रि 2025: कब से कब तक?
इस साल तक मनाई जाएगी। लेकिन अब यह उत्सव नहीं, बल्कि विवाद का विषय बन गया है।
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