MP-गुजरात में बारिश की संभावना
महाराष्ट्र में बाढ़ और भारी बारिश के कारण पिछले दो दिनों में 10 लोगों की मौत हो गई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश जारी है, और मराठवाड़ा व पश्चिमी महाराष्ट्र के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इस बीच, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत के 8 राज्यों से विदा हो चुका है, जबकि मध्य प्रदेश और गुजरात में अभी भी बारिश की संभावना बनी हुई है।

महाराष्ट्र में बाढ़ और बारिश से मौतें
नासिक, धाराशिव, अहिल्यानगर, जालना और यवतमाल जिलों में बाढ़ और बारिश के कारण पिछले 48 घंटों में 10 लोगों की मौत हो गई। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, नासिक जिले में 4, धाराशिव और अहिल्यानगर में 2-2, और जालना तथा यवतमाल में 1-1 व्यक्ति की जान गई है।
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इन क्षेत्रों में भारी बारिश जारी है, जैसे छत्रपति संभाजी नगर में 110.3 मिमी, अहिल्यानगर में 81.8 मिमी, और नासिक में 76.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मराठवाड़ा क्षेत्र के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और NDRF की 16 टीमों को तैनात किया गया है।
उत्तर भारत से मानसून की विदाई
दक्षिण-पश्चिम मानसून अब उत्तर भारत के राज्यों से विदा हो चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड से मानसून ने 29 सितंबर को विदाई ली। हालांकि, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मानसून की वापसी के चलते बारिश की स्थिति अभी भी बनी हुई है, और इन क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा।
बंगाल की खाड़ी में नए सिस्टम की संभावना
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 48 घंटों में बंगाल की खाड़ी में एक नया मानसूनी सिस्टम बनने की संभावना है। इसका असर दक्षिण और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भारी बारिश ला सकता है। इसके अलावा, एक और लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है, जिससे 1 अक्टूबर से बारिश का दौर जारी रहेगा।
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राजस्थान और मेघालय में असामान्य बारिश
इस मानसून सीजन में राजस्थान में सामान्य से 63% अधिक बारिश हुई, जबकि मेघालय में 42% कम बारिश दर्ज की गई। भारत में इस मानसून सीजन (जून से सितंबर) में औसतन 930 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य बारिश से काफी अधिक है।

पुणे में सबसे ज्यादा बारिश
इस वर्ष पुणे के तमहिनी घाट क्षेत्र में सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई है। यहां 9,000 मिमी से ज्यादा बारिश हुई है, जो इस मानसून सीजन में भारत का सबसे अधिक बारिश वाला स्थान बन गया है। अब तक चेरापूंजी और मौसिनराम, जो पूर्वोत्तर राज्यों के हिस्सा हैं, सबसे ज्यादा बारिश के लिए जाने जाते थे।
