Mahalaxmi Temple MP: मध्यप्रदेश में एक ऐसा लक्ष्मी माता का मंदिर है, जहां प्रसाद में सोने चांदी के गहने और सिक्के दिए जाते हैं, यह मंदिर मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में स्थित हैं। यह मंदिर अनोखी परंपरा के लिए पूरे देश में मशहूर है। यही विशेषता इस मंदिर को देश के अन्य मंदिरों से अलग बनाती है।
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भक्तों की आस्था और मान्यता…
रतलाम के माणक क्षेत्र में स्थित इस मंदिर में रोजाना भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भक्तों का मानना है कि यहां आने से जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। यहां प्रसाद में मिला आभूषण या सिक्का भक्त अपने घर में धन–समृद्धि का प्रतीक मानकर बड़े श्रद्धा से रखते हैं।

यहां का इतिहास काफी रोचक…
मंदिर का इतिहास काफी प्राचीन और रोचक बताया जाता है। कहा जाता है कि पुराने समय में यहां के राजा और महाराजा राज्य की समृद्धि और उन्नति के लिए माता लक्ष्मी को सोने–चांदी के सिक्के और गहने अर्पित करते थे। तभी से यह परंपरा चली आ रही है। आज भी श्रद्धालु माता लक्ष्मी को आभूषण और संपत्ति अर्पित करते हैं, क्योंकि उनका विश्वास है कि ऐसा करने से जीवन में सुख–शांति और धन की प्राप्ति होती है।
मंदिर की होती है विशेष सजावट…
सामान्यत: मंदिरों की सजावट फूलों और लाइटिंग से की जाती है, लेकिन रतलाम का महालक्ष्मी मंदिर इससे अलग है। यहां दीपावली पर गर्भगृह और मंदिर परिसर को सोने–चांदी के गहनों और नोटों से सजाया जाता है। यह नजारा इतना भव्य होता है कि श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।

दिवाली और धनतेरस पर विशेष आयोजन..
दीपावली और धनतेरस के अवसर पर इस मंदिर की भव्यता देखने लायक होती है। इस दौरान मंदिर 24 घंटे के लिए खुला रहता है और दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। धनतेरस पर यहां महिलाओं को ‘कुबेर की पोटली’ प्रसाद के रूप में दी जाती है, जिसे घर में धन–लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है।
क्यों खास है यह परंपरा?
इस मंदिर में प्रसाद के रूप में आभूषण और सिक्के मिलने की परंपरा भक्तों की आस्था को और भी गहरा बना देती है। लोग मानते हैं कि यह माता लक्ष्मी का आशीर्वाद है, जो उनके जीवन में धन और खुशहाली लेकर आता है। यही वजह है कि यह मंदिर देशभर में चर्चा का विषय बना रहता है।

