48 घंटे के अंदर दोबारा पहुंची महाकुंभ
Mahakumbh:आपकाे बता दें की प्रयागराज महाकुंभ में सुर्खियां बटोर रही सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और एंकर हर्षा रिछारिया हाल ही में महाकुंभ छोड़ कर चली गई थीं.लेकिन उन्होंने यू टर्न लिया है और फिर से निरंजनी अखाड़े में देखी जा रही हैं.आपकाे बता दें की महाकुंभ में पहुंची मॉडल,एंकर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हर्षा रिछारिया शुरू से ही सुर्खीयाें में बनी हुई हैं.पहले अमृत स्नान में वह भगवा वस्त्र धारण कर महामंडलेश्वर के रथ पर सवार होकर विवादों में आई थीं.आपकाे बता दें की तस्वीरें वायरल होने के बाद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वारानंद समेत कई संतों ने आपत्ति जताई थी.इससे आहत होकर हर्षा रिछारिया रोते बिलखते महाकुंभ से चली गई थीं.लेकिन महज 48 घंटे के अंदर ही वह दोबारा से महाकुंभ पहुंच गईं.
महाकुंभ छोड़ने पर आने लगे थे युवाओं के मेल और कॉल
Mahakumbh:आपकाे बता दें की उन्होंने कहा कि वह हिन्दू धर्म को बचाना चाहती हैं.उनके महाकुंभ छोड़ने पर युवाओं और उनके फैंस के मेल और फोन कॉल आने लगे.इसलिए उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया है और वह दोबारा से महाकुंभ में आ गई हैं.इसी के साथ उन्होंने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि उनके महाकुंभ छोड़ कर जाते ही युवाओं का धर्म से लगाव कम हो जाता.आपाकाे बता दें कि मकर संक्रांति के अमृत स्नान में जितनी सुर्खियों में नागा संन्यासी नहीं रहे,उससे कहीं अधिक सुर्खियां भगवा वस्त्र पहनकर एक संत के रथ पर सवार हर्षा रिछारिया ने जुटा लिया था.
हर्षा रिछारिया का संतों ने किया था विरोध

Mahakumbh:आपाकाे बता दें की रथ पर सवार हर्षा रिछारिया की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुए थे.जिसके बाद ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और शांभवी पीठाधीश्वर आनंद स्वरुप ने जमकर विरोध किया.उन्हाेने कहा था कि महाकुंभ में इस तरह की परंपरा शुरू करना गलत है.यह विकृत मानसिकता का नतीजा है.संतों ने कहा था कि महाकुंभ में चेहरे की सुंदरता नहीं बल्कि हृदय की सुंदरता देखा जाना चाहिए.
