लाखों श्रद्धालु ने महाकाल के दर्शन किए पहुंचे

Mahakal Temple: मध्यप्रदेश में 2025 का वेलकम हो चुका है. 31st की देर रात तक लोग जश्न में डूबे रहे। साल के पहले दिन उज्जैन महाकाल मंदिर में रात 3 बजे से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था. कतार बढ़ती जा रही है।
Mahakal Temple: महाकाल मंदिर में रात से भीड़

अबतक करीब 1 लाख अधिक श्रद्धालु महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। नए साल में उज्जैन में 8 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंगलवार को ही यहां पहुंच चुके थे। सुबह भस्म आरती में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भस्म आरती के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग 26 दिसंबर से 2 जनवरी तक बंद कर दी गई है।
Mahakal Temple: महाकाल मंदिर में उमड़ा जनसैलाब
नववर्ष के आगमन पर जहां लोगों ने जमकर जश्न मनाया, वहीं लाखों श्रद्धालुओं ने नए साल की शुरुआत मंदिरों में पहुंचकर भगवान के दर्शन कर की. नए साल के पहले दिन की सुबह भक्तों की भीड़ मंदिरों पर उमड़ पड़ी. उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर, वाराणसी के अस्सी घाट, तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे.
Mahakal Temple: भक्तों ने भस्म आरती का लाभ
नववर्ष के पहले दिन बाबा महाकाल का अलग ही स्वरुप में श्रृंगार किया गया, जिसे देखकर भक्त बाबा महाकाल की भक्ति में लीन हो गए और जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे, जिसके बाद बाबा महाकाल को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई. नववर्ष का पहला दिन होने के कारण महाकालेश्वर मंदिर में हजारों भक्तों ने चलित भस्म आरती के माध्यम से बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया. इस दौरान पूरे देश भर से बाबा महाकाल के श्रद्धालु भगवान के दर्शनों के लिए उज्जैन पहुंचे.
Mahakal Temple: सिर्फ बाबा महाकाल की होती है भस्म आरती
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित अर्पित गुरु ने बताया कि 12 ज्योतिर्लिंगों में सिर्फ बाबा महाकाल का दरबार ही एक ऐसा स्थान है जहां पर प्रतिदिन सुबह भगवान की भस्म आरती की जाती है, जिसमें बाबा महाकाल भस्म से स्वयं का श्रृंगार करते हैं. यह आरती प्रतिदिन सुबह चार बजे भस्म से की जाती है. इसके दौरान सुबह चार बजे भगवान का जलाभिषेक किया जाता है.
