mahakal temple mahashivratri: महाशिवरात्रि पर्व को लेकर उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में तैयारियां तेज हो गई हैं। शिवनवरात्रि उत्सव के तहत रविवार तड़के भस्मार्ती के साथ मंदिर के गर्भगृह के पट खोले जाएंगे, जो करीब 44 घंटे तक लगातार श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुले रहेंगे।
mahakal temple mahashivratri: इस बार नौ नहीं, दस दिन
इस वर्ष तिथियों के कारण शिवनवरात्रि नौ की जगह दस दिनों की मनाई जा रही है। रविवार को महाशिवरात्रि पर्व पर दिन-रात भगवान महाकाल का सतत जलधारा से अभिषेक किया जाएगा। पूरी रात्रि विशेष महापूजन का आयोजन होगा.
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mahakal temple mahashivratri: महाशिवरात्रि पर दिन-रात अभिषेक
शासकीय पुजारी पं. घनश्याम शर्मा के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन पूरे समय भगवान महाकालेश्वर का सतत जलधारा से अभिषेक किया जाएगा। रात भर विशेष महापूजन होगा। इसके बाद 16 फरवरी को प्रातः सप्तधान श्रृंगार, सवामन पुष्प मुकुट दर्शन और सेहरा आरती होगी। इसी दिन दोपहर 12 बजे वर्ष में एक बार होने वाली भस्म आरती संपन्न की जाएगी।
44 घंटे तक दर्शन, भक्तों के लिए खास इंतजाम
महाशिवरात्रि और उससे जुड़े आयोजनों के चलते मंदिर के पट करीब 44 घंटे खुले रहेंगे। इस दौरान श्रद्धालु लगातार बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। 18 फरवरी की शाम शयन आरती के साथ शिवनवरात्रि उत्सव का औपचारिक समापन होगा।
उमा-महेश स्वरूप में सजा बाबा का दरबार
शिवनवरात्रि के आठवें दिन शुक्रवार को भगवान महाकालेश्वर का उमा-महेश स्वरूप में सायंकालीन श्रृंगार किया गया। प्रातः भस्म आरती के बाद चंद्रमौलेश्वर और कोटेश्वर महादेव का पूजन-अभिषेक हुआ। दोपहर में 11 ब्राह्मणों द्वारा गर्भगृह में रुद्राभिषेक पाठ किया गया। शाम को नवीन वस्त्रों और विशेष श्रृंगार के साथ बाबा महाकाल अलौकिक रूप में दर्शन दिए।
