Mahakal procession Ujjain 2025 : उज्जैन में बाबा महाकाल की कार्तिक माह की पहली सवारी 27 अक्टूबर 2025 को निकाली जाएगी। इस बार सवारी में कई अनोखे आकर्षण देखने को मिलेंगे जिनमें प्रमुख है “महाकाल बैंड” का पहली बार शामिल होना। भक्तों को बाबा महाकाल के मन महेश स्वरूप में दर्शन का सौभाग्य मिलेगा।महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप में विशेष पूजा-अर्चना के बाद सवारी की शुरुआत होगी। बाबा महाकाल की पालकी पारंपरिक रूप से नगर भ्रमण पर निकलेगी, जहां हजारों भक्त उनका स्वागत करने एकत्रित होंगे ।
मन महेश स्वरूप में देंगे दर्शन
इस बार बाबा महाकाल मन महेश स्वरूप में सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे। यह स्वरूप भगवान शिव के कैलाश स्थित मानसरोवर धाम के महेश रूप का प्रतीक है। इस दौरान भक्त ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के साथ “हर हर महादेव” के जयकारे लगाकर बाबा को नगर भ्रमण पर विदा करेंगे ।
पहली बार शामिल होगा महाकाल बैंड
महाकाल की इस सवारी में इस बार 30 सदस्यीय महाकाल बैंड पहली बार शामिल होगा। यह बैंड मंदिर परिसर का स्थायी हिस्सा बनाया गया है और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ भक्ति संगीत प्रस्तुत करेगा। इसके अलावा भक्तों के लिए मंदिर प्रशासन ने लाइटिंग और पुष्प सज्जा की भी व्यवस्था की है ।
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पारंपरिक मराठा शैली में सवारी
महाकाल मंदिर की सवारी परंपरा मराठा काल से जुड़ी हुई है। इसी परंपरा के अनुसार, कार्तिक-मार्गशीर्ष माह में भी सवारी शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से प्रारंभ होती है। पालकी यात्रा में भगवान महाकाल विभिन्न रूपों में विराजमान होते हैं और शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए हरसिद्धि मंदिर के दर्शन के बाद वापस मंदिर लौटते हैं ।
भक्तों में उत्साह
सवारी को लेकर पूरे उज्जैन में उत्सव जैसा माहौल है। शहर के प्रमुख चौराहों को रंगीन रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। जिला प्रशासन और मंदिर समिति ने भक्तों की सुविधा हेतु बैरिकेडिंग, पार्किंग, और लाइव स्क्रीनिंग की व्यवस्था की है भीड़ पर नियत्रण पाया जा सके।
आध्यात्मिक महत्व
कार्तिक मास को भगवान शिव और विष्णु दोनों का प्रिय महीना माना गया है। इस महीने में स्नान, दान और दीपदान का विशेष महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि जो भक्त कार्तिक मास में महाकाल की सवारी के दर्शन करते हैं, उन्हें पारिवारिक सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है ।
बाबा महाकाल अपने दिव्य मन महेश स्वरूप में विराजमान होकर भक्तों को आशीर्वाद देंगे, और पहली बार “महाकाल बैंड” उनकी महिमा का संगीतमय उत्सव मनाएगा
