mahakal devotee drowns shipra river ujjain: भोपाल से दोस्तों के साथ पहुंचा था उज्जैन, गहरे पानी में चला गया समीर
mahakal devotee drowns shipra river ujjain: उज्जैन में बुधवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। भोपाल से महाकाल मंदिर के दर्शन के लिए आए 16 वर्षीय युवक की शिप्रा नदी में डूबने से मौत हो गई। मृतक युवक की पहचान समीर मीणा के रूप में हुई है, जो भोपाल के इमलिया क्षेत्र का निवासी था। वह अपने छह दोस्तों के साथ उज्जैन आया था।
सभी दोस्त महाकाल मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन कर रहे थे। इसी दौरान वे शिप्रा नदी पर स्थित सिद्ध आश्रम के घाट पर पहुंचे, जहां सभी ने डुबकी लगाकर स्नान करना शुरू किया। इसी बीच समीर गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।
दोस्तों की चीख-पुकार से मचा हड़कंप
घटना के समय मौजूद समीर के दोस्तों ने जब शोर मचाया तो घाट पर मौजूद लोगों ने तुरंत मां शिप्रा तैराक दल को सूचना दी। दल के सदस्यों — तेजा कहार, पप्पू कहार, दीपक कहार, बड़ा हुकुम कहार, मन्नू कहार, राज कहार, हुकुम ठाकुर, रूपसिंह कहार, माधव सिंधे, दिनेश कहार, जितेंद्र कहार — और होमगार्ड के जवानों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद समीर को नदी से बाहर निकाला गया। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार में मातम, पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव
समीर की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।मां शिप्रा तैराक दल के सचिव संतोष सोलंकी ने पुष्टि करते हुए बताया कि समीर गहरे पानी में चले जाने के कारण डूबा। घाट पर सुरक्षा के इंतज़ाम पर्याप्त नहीं थे, और यह हादसा इसका एक गंभीर उदाहरण है।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
यह घटना न सिर्फ एक दुखद हादसा है, बल्कि घाटों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करती है। उज्जैन जैसे धार्मिक स्थल पर सुरक्षा इंतजाम, चेतावनी बोर्ड, जीवन रक्षक जैकेट, और रेस्क्यू स्टाफ की तैनाती कितनी प्रभावी है – इस पर प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।
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