mahakal basant panchami: उज्जैन। बसंत पंचमी पर महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का दरबार बसंत के रंग में सजा नजर आया, जिसे देखने के लिए तड़के से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे. सुबह करीब 4 बजे भस्म आरती के साथ बाबा महाकाल का विशेष पंचामृत अभिषेक किया गया दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अभिषेक के बाद भगवान को पीले वस्त्र धारण कराए गए और सरसों के पीले फूलों से श्रृंगार किया गया। भस्म आरती में शामिल श्रद्धालुओं ने इन दिव्य दर्शनों को अपने लिए सौभाग्य का क्षण बताया।
mahakal basant panchami: पीले फूलों से श्रृंगार, पीले भोग का अर्पण
महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन बाबा महाकाल को पीले फूलों से सजाने की विशेष परंपरा है. यह दिन मां सरस्वती से जुड़ा माना जाता है, इसलिए आज बाबा महाकाल के दर्शन करने से शिव कृपा के साथ विद्या की देवी का आशीर्वाद भी मिलता है. भस्म आरती के दौरान बाबा को केसर युक्त दूध, पीले पेड़े और अन्य पीले रंग के पकवानों का भोग लगाया गया। मंदिर में मौजूद भक्तों का कहना था कि आज के दर्शन में अलग ही शांति और ऊर्जा महसूस हो रही थी।
mahakal basant panchami: फाग उत्सव का आगाज़
मान्यता है कि बसंत पंचमी से फाग उत्सव की शुरुआत हो जाती है. इसी कारण आज शाम महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल को गुलाल अर्पित किया जाएगा और इसके साथ ही 40 दिनों तक चलने वाले फाग और होली पर्व का शुभारंभ होगा. शाम के आयोजन को लेकर मंदिर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है। महाकालेश्वर मंदिर के साथ-साथ उज्जैन और आसपास के वैष्णव मंदिरों में भी आज से होली से जुड़े धार्मिक आयोजन शुरू हो जाएंगे।
भस्म आरती में आज ये रहा खास
पुजारी पंडित महेश शर्मा के अनुसार, माघ माह शुक्ल पक्ष की पंचमी पर शुक्रवार सुबह 4 बजे भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान गर्भगृह में विराजित सभी प्रतिमाओं का विधिवत पूजन किया गया. इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक पंचामृत और फलों के रस से किया गया.पूजा के बाद बाबा महाकाल का आकर्षक श्रृंगार कर उन्हें नया मुकुट पहनाया गया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई। झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के बीच भस्म आरती संपन्न हुई। पुजारियों के अनुसार, बसंत पंचमी पर बाबा महाकाल के दर्शन का विशेष महत्व होता है।
