Mahakaal lok: उज्जैन एक बार फिर देश-दुनिया के वैज्ञानिक और बौद्धिक विमर्श का केंद्र बनने जा रहा है। बाबा महाकाल की नगरी में महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम पर आधारित प्रदर्शनी और 3 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया।

कार्यक्रम में वसंत विहार स्थित तारामंडल परिसर में किया जा रहा है। जिसमें सांसद अनिल फिरोजिया, केएस मुरली डायरेक्टर जरनल सीआरटीएल, अनिल कोठारी डायरेक्टर जनरल एमपीसीएसटी, डॉ. वीके सारस्वत नीति आयोग के सदस्य, सुरेश सोनी, शिव कुमार शर्मा, डॉ गंती एस मूर्ति नेशनल कॉर्डिनेटर शामिल हुए।
Mahakaal lok: 15.20 करोड़ की लागत से बना साइंस सेंटर
तारामंडल परिसर में तैयार किए गए साइंस सेंटर के निर्माण पर 15.20 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं, जिसमें केंद्र सरकार ने 6.50 करोड़ और राज्य सरकार ने 8.56 करोड़ रुपए का योगदान दिया है।
यहां विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित होगी।
Mahakaal lok: ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगम
3 दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिक, खगोलविद, शिक्षाविद, नीति-निर्माता और अंतरिक्ष विशेषज्ञ भाग ले रहे है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान के बीच समन्वय स्थापित करना है।
उज्जैन-डोंगला को वैश्विक मेरिडियन के रूप में स्थापित करना
स्पेस इकोनॉमी और विकसित भारत
खगोल विज्ञान, एस्ट्रोफिजिक्स और कॉस्मोलॉजी
भारतीय काल गणना का वैज्ञानिक आधार
अंतरिक्ष तकनीक और रक्षा रणनीति
देश-विदेश के दिग्गज वैज्ञानिक होंगे शामिल
छात्रों के लिए खास आकर्षण: सैटेलाइट और UAV वर्कशॉप
सम्मेलन के दौरान युवाओं और छात्रों के लिए कई प्रैक्टिकल गतिविधियां आयोजित होंगी
सैटेलाइट मेकिंग वर्कशॉप
UAV और RC प्लेन ट्रेनिंग
टेलीस्कोप से रात्रि आकाश अवलोकन
सनस्पॉट स्टडी (सूर्य का अध्ययन)
इसके अलावा डोंगला में डीप स्काई ऑब्जर्वेशन भी कराया जाएगा।
