mp vidhan sabha budget session: भोपाल में सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र से पहले ही सियासी हलचल तेज है। सवाल सिर्फ विपक्ष के नहीं हैं, बल्कि सरकार की तैयारी, जवाबदेही और संवेदनशीलता को लेकर भी हैं। विधायकों ने इस बार सवालों की बौछार कर दी है, और अब सरकार को हर मोर्चे पर जवाब देना होगा।
mp vidhan sabha budget session: साढ़े तीन हजार से ज्यादा सवाल
विधानसभा सचिवालय के मुताबिक इस बार कुल 3478 सवाल जमा हुए हैं। इनमें 2253 प्रश्न ऑनलाइन और 1225 ऑफलाइन पूछे गए हैं। ये सवाल लगभग सभी विभागों से जुड़े हैं, यानी कोई भी मंत्रालय बचने वाला नहीं. सरकार की ओर से इन सवालों के लिखित जवाब बजट सत्र के दौरान संबंधित मंत्री देंगे। सदन में तय तारीखों पर ये जवाब रखे जाएंगे, और यहीं से सरकार की तैयारी की असली परीक्षा शुरू होगी।
mp vidhan sabha budget session: पटवारी ने सीएम को लिखा पत्र
सत्र शुरू होने से ठीक पहले सियासी पारा और चढ़ गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर तीन मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग कर दी है। पटवारी का कहना है कि राज्यपाल के अभिभाषण से पहले ही विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय और राजेन्द्र शुक्ल को मंत्रिमंडल से हटाया जाए।पटवारी का आरोप है कि ऐसे मामलों के बावजूद मंत्रियों का पद पर बने रहना सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है, और यही बात जनता को भी खटक रही है।
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टोल व्यवस्था पर भी कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने प्रदेश की टोल वसूली व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा है। पटवारी का कहना है कि मध्य प्रदेश में टोल अब सिर्फ उपयोगकर्ता शुल्क नहीं रह गया, बल्कि निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का जरिया बन चुका है.उनका आरोप है कि कई टोल परियोजनाओं में लागत और मुनाफा सालों पहले वसूल हो चुका है, फिर भी वसूली जारी है। कुछ जगहों पर बिना पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया के टोल नाके आउटसोर्स कर दिए गए, जिसमें सरकार को सिर्फ 30 फीसदी और निजी संचालकों को 70 फीसदी हिस्सा मिल रहा है।
