Madhya Pradesh SIR campaign 2025 :मध्यप्रदेश में आज से SIR शुरू होगा चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का एक अहम प्रयास। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को बेहतर, सही और पारदर्शी बनाना है। साथ ही, बीजेपी ने इस अभियान के लिए संगठन स्तर पर तैयारियों को तेज करते हुए प्रदेश मुख्यालय में बैठक बुलाई है।
SIR अभियान की शुरुआत
मध्यप्रदेश में 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक Special Intensive Revision (SIR) यानी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू हो चुका है। यह करीब 22 साल बाद राज्य में चलाया जा रहा इतना बड़ा मतदाता सूची संशोधन अभियान है। चुनाव आयोग ने प्रदेश के सभी 65 हजार बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को प्रशिक्षण दिया है जो अब घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करेंगे। इस दौरान मतदाताओं के नाम, पते, उम्र जैसी जानकारियों को इकट्ठा किया जाएगा।
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अभियान की प्रक्रिया
BLO प्रत्येक बूथ पर लगभग 1200 मतदाताओं की जिम्मेदारी लेंगे। वे मतदाताओं के घर जाकर उनकी जानकारी जांचेंगे और यदि आवश्यक हो तो Electoral Registration Officer (ERO) से दस्तावेज मांगने के लिए सूचित करेंगे। ध्यान देने वाली बात है कि BLO इस दौरान कोई दस्तावेज़ नहीं जमा करेंगे। BLO के पास चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र होगी, जिसे देखकर ही लोग जानकारी साझा करें। गलत जानकारी देने पर एक साल की सजा या जुर्माना भी हो सकता है।
चुनाव आयोग की अपील
चुनाव आयोग ने राज्य के नागरिकों से इस अभियान में पूरा सहयोग करने की अपील की है जिससे मतदाता सूची सही और अपडेटेड बनी रहे। इस दौरान वोटरों को भी सतर्क रहने और BLO के पहचान पत्र की पुष्टि करने को कहा गया है। मतदाता सत्यापन का उद्देश्य सूची को अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाना है।
बीजेपी की बैठक और रणनीति
इसी बीच बीजेपी ने अपने संगठन स्तर पर तैयारी तेज कर दी है। बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में एक बड़ी बैठक बुलाई है जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में सभी जिला अध्यक्ष शामिल होंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा SIR अभियान से जुड़ी रणनीतिक तैयारियों को अंतिम रूप देना था। माना जा रहा है कि पार्टी इस अभियान के माध्यम से आधारभूत स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
मध्यप्रदेश में SIR अभियान मतदाता सूची की पारदर्शिता बढ़ाने और चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। चुनाव आयोग की अपील और बीजेपी की रणनीतिक तैयारियां इस अभियान के महत्व को दर्शाती हैं, वहीं विरोधी दलों के आरोप भी इस प्रक्रिया की जटिलता को रेखांकित करते हैं। ऐसे में नागरिकों का सहयोग इस अभियान की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
