MP WEATHER REPORT: 41 जिलों में बारिश और बाढ़ का खतरा
MP WEATHER REPORT: मध्य प्रदेश में मानसून के स्ट्रांग सिस्टम के कारण भारी बारिश का दौर जारी है। केंद्रीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 41 जिलों में 17 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में प्रदेश के 33 जिलों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा बताया गया है। बारिश की वजह से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है और प्रशासन सतर्क हो गया है।
दतिया में 3 बच्चियों की मौत
दतिया जिले के इंदरगढ़ में एक निर्माणाधीन तालाब में डूबने से तीन नाबालिग बच्चियों की मौत हो गई है। यह घटना स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी है। वहीं, छतरपुर जिले की बन्ने नदी में अचानक जल स्तर बढ़ने से एक परिवार के 5 सदस्य खेत में करीब 8 घंटे तक फंसे रहे। पुलिस और बचाव दल ने एक व्यक्ति को सुरक्षित रेस्क्यू किया। शहडोल जिले में एक कच्चा मकान गिरने से 80 वर्षीय पुजारी की भी मौत हुई।
मंडला में भारी तबाही: 7 की मौत, 312 का रेस्क्यू
बारिश से सबसे अधिक नुकसान मंडला जिले में हुआ है। भारी बारिश के कारण यहां लगभग 300 मकान, कई सड़कें और पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई हैं। अब तक यहां सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं। प्रशासन ने अब तक 312 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित राहत शिविरों में भेजा है। बाढ़ के कारण जिले के कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं।
मैहर-सतना मार्ग बंद
भारी बारिश की वजह से सतना और रीवा जिले में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। मैहर से सतना जाने वाला मुख्य मार्ग ग्राम कोवर के पास पानी से भर गया है, जिससे यह मार्ग बंद हो गया है। रायसेन में सिलवानी के पास स्टेट हाईवे 44 में 8 फीट तक पानी बह रहा है, जिससे वाहन आवागमन बाधित है। रीवा में भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह के घर में भी पानी घुस गया है। वहीं, चित्रकूट में एमपी टूरिज्म की होटल में भी करीब 4-5 फीट पानी जमा हो चुका है।
ग्वालियर-शिवपुरी के 20 गांवों में बाढ़ का खतरा
ग्वालियर-चंबल संभाग में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हैं। शहडोल के व्यवहारी में 24 घंटे में करीब 10 इंच बारिश हुई है, जिसके कारण बाणसागर डैम के 7 गेट खोल दिए गए हैं। बरगी डैम के भी पांच गेट खोलने की प्रक्रिया जारी है। शिवपुरी और ग्वालियर सीमा पर स्थित हरसी बांध लबालब भर गया है और पानी ओवरफ्लो कर रहा है, जिससे आसपास के 20 गांवों में पानी भरने का खतरा मंडरा रहा है।
कई जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने विदिशा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, कटनी, जबलपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में अति भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, रायसेन, नर्मदापुरम, धार, इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, नरसिंहपुर, बालाघाट, पन्ना, पांढुर्णा जिलों में भारी बारिश के लिए यलो अलर्ट जारी है।
अगले 24 घंटों में प्रदेश के 33 जिलों में बाढ़ का खतरा
मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 33 जिलों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ की संभावना है। इनमें पूर्वी मध्य प्रदेश के अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, छतरपुर, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी और उमरिया जिलों के साथ-साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, रायसेन, मंदसौर, नीमच, होशंगाबाद समेत कई जिले शामिल हैं।
मौसम विज्ञान की रिपोर्ट
मध्य प्रदेश मौसम विभाग के मुताबिक, दो ट्रफ लाइन, एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हैं, जिनकी वजह से अगले तीन दिन तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। शहडोल के ब्यौहारी में शुक्रवार को रिकॉर्ड 9.8 इंच बारिश हुई, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रही। वहीं सतना, रीवा और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश हुई है।
अलर्ट और बचाव कार्य
प्रदेश सरकार, वन विभाग, आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे नदियों के किनारे और बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर रहें, भारी बारिश में यात्रा न करें, और आपदा विभाग को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचित करें। साथ ही उन्होंने कहा है कि बाढ़ से बचाव के लिए सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
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