IAS Swapnil Wankhede: दतिया कलेक्टर IAS स्वप्निल वानखेड़े का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, पटवारियों पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. उनकी बेबाक कार्यशैली के चलते लोग उन्हें MP का ‘सिंघम’ कहा जा रहा है. Software Engineer की नौकरी छोड़कर चौथे प्रयास में 2015 में IAS बने वानखेड़े जहां भी पदस्थ रहे, वहां एक अलग पहचान बनाई.
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IAS Swapnil Wankhede का महाराष्ट्र में जन्म हुआ
वर्तमान में दतिया कलेक्टर IAS स्वप्निल वानखेड़े का जन्म महाराष्ट्र के अमरावती जिले में हुआ है. उनके पिता शिक्षक टीचर थे और मां नर्स थीं. सरकारी नौकरी होने के कारण मां का हर तीन साल में ट्रांसफर होता था. इस कारण स्वप्निल वानखेड़े का भी शहर, स्कूल और दोस्त बदल जाते थे. स्वप्निल वानखेड़े की शुरुआती पढ़ाई अमरावती के सरकारी स्कूल में हुई. इसके बाद उनका दाखिला नवोदय विद्यालय में हो गया, जहां से उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने अपनी इंजनीयरिंग नागपुर यूनिवर्सिटी से की.
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IAS Swapnil Wankhede: यहां मिली थी पहली पोस्टिंग
IAS अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े कई जिलों में पदस्थ रह चुके हैं. सबसे पहले उनकी पोस्टिंग तब के होशंगाबाद (आज नर्मदापुरम) में सहायक कलेक्टर के पद पर हुई थी. फिर वे राजनगर के SDM बने, रीवा-सीहोर में जिला पंचायत सीईओ रहे, नगर निगम जबलपुर कमिश्नर बने. इसके बाद सतना में एडिशनल कलेक्टर और फिर हरदा जिले में कलेक्टर के रूप में पदस्थ किए गए.
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, हाल ही में दतिया कलेक्टर IAS स्वप्निल वानखेड़े ने शिकायत मिलने के बाद बसई के पटवारी शैलेंद्र शर्मा को निलंबित सस्पेंड कर दिया था. इस कार्रवाई के विरोध में पटवारी संघ के नेता कलेक्ट्रेट पहुंचे. इस दौरान IAS स्वप्निल वानखेड़े बैठक कर रहे थे, पटवारियों का शोर-शराबा सुनकर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े बाहर आए और नाराजगी जताई. उन्होंने कहा- दो-तीन नेताओं के चक्कर में 60-70 लोग आएंगे और मेरे ऊपर दबाव बनाओगे, तो क्या में झुक जाऊंगा. अगर, कोई बात या समस्या थी तो 2-3 लोग भी आकर बात सकते थे. भीड़ में आने का क्या मतलब है? ऑफिस छोड़कर आने से जनता के काम प्रभावित होते हैं. यह नहीं चलेगा, हम जनता के लिए काम करते हैं.
आईएएस वानखेड़े का बेबाक अंदाज
वीडियो में एक आईएएस का बेबाक अंदाज है. वीडियो दतिया जिले के कलेक्ट्रेट का है. जिसमें सीढियों पर खड़े हैं कलेक्टर वानखेड़े और सामने हैं 50 से 60 पटवारी. माइक पर जो पहला वाक्य कलेक्टर कहते हैं, वह किसी फिल्मी डायलॉग से कम नहीं है. “झुंड बनाकर आएंगे तो क्या मैं झुक जाऊंगा.”
किसानों को खाद वितरण मामले में कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े कहते हैं “आपको क्या लगता है कि झुंड बनाकर आएंगे तो मैं झुक जाऊंगा. सबने बोला था 07 दिन में काम पूरा करेंगे.
IAS स्वप्निल जहां भी रहे शानदार काम से चर्चा में रहे
IAS स्वप्निल वानखेड़े MP के जिस जिले में भी रह हमेशा अपने काम से चर्चा में रहे. जबलपुर में पोस्टिंग के दौरान IAS वानखेड़े ने कबाड़ बसों से महिलाओं के नर्मदा नदी के किनारे चेंजिंग रूम बनवाए थे. इसके लिए लंदन में भी उनका सम्मान किया गया था. उन्होंने अनाथ बच्चियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी उठाई. गरीब और जरूरतमंद छात्रों को फ्री में कोचिंग भी मुहैया कराई, ताकि वे पढ़ लिखकर अपने सपने पूरे कर सकें.
जबलपुर में बनाया रैन बसेरा
IAS स्वप्निल वानखेड़े ने जबलपुर में रैन बसेरा भी बनाया था, जिसकी चर्चा देश भर में हुई थी. कलेक्टर स्वप्निल अपने कामों को लेकर कई बार सम्मानित हो चुके हैं. पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान भी उनका सम्मान कर चुके हैं. IAS स्वप्निल वानखेड़े सोशल मिडिया पर भी काफी सक्रिय रहते हैं. उनके वीडियो लाखों लोग देखते हैं.
