Madhya Pradesh news: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की अमलाई ओपन कास्ट माइंस (OCM) में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जिसने पूरे कोल एरिया में हड़कंप मचा दिया। घटना धनपुरी थाना क्षेत्र की है, जहां मिट्टी धंसने से एक डोजर मशीन और उसमें मौजूद टीपर ऑपरेटर अनिल कुशवाहा गहराई में पानी भरे गड्ढे में समा गए। हादसे के कई घंटे बाद भी न तो ऑपरेटर का कोई सुराग मिला है और न ही मशीन का कोई निशान।

Madhya Pradesh news: टीपर ऑपरेटर अनिल कुशवाहा अब तक लापता
जानकारी के मुताबिक, अमलाई OCM में R.K.T.C कंपनी द्वारा ओवरबर्डन (ओबी) शिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक खदान की ढलान से भारी मात्रा में मिट्टी खिसक गई, जिससे चार कर्मचारी मलबे में दब गए। इनमें से दो कर्मचारियों ने मौके से भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। वहीं शिफ्ट इंचार्ज मुनीम यादव कई घंटों तक मलबे में दबे रहे। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, टीपर ऑपरेटर अनिल कुशवाहा अब तक लापता हैं।
Madhya Pradesh news: मशीनरी की मदद से मलबा हटाया जा रहा
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को रेस्क्यू के लिए मौके पर भेजा गया। फिलहाल बचाव कार्य जारी है, लेकिन गड्ढे में पानी भरा होने और मलबा अधिक होने के कारण राहत कार्य में कठिनाइयां आ रही हैं। मौके पर भारी मशीनरी की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।
ढलान क्षेत्रों में काम कराया जा रहा
हादसे के बाद R.K.T.C कंपनी की ओर से कोई तत्काल बचाव कार्रवाई नहीं की गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। RKTC कंपनी के पास करीब 4 अरब रुपये का उत्खनन ठेका है, लेकिन सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर खतरनाक ढलान क्षेत्रों में काम कराया जा रहा है।
सर्च ऑपरेशन चला रही है
श्रमिकों ने आरोप लगाया हर बार हादसे के बाद सिर्फ जांच का वादा मिलता है, लेकिन सुधार कभी नहीं होता। हादसे की सूचना मिलते ही धनपुरी थाना प्रभारी, एसडीओपी और बचाव दल मौके पर पहुंचे। अब SDRF टीम को बुलाया गया है, जो गहराई में सर्च ऑपरेशन चला रही है।
