MP Investment Boom: जयपुर में मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट सत्र हुआ। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योग जगत के बीच एमपी की नीतियों, प्रोत्साहन योजनाओं और औद्योगिक क्षमताओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के प्रगाढ़ संबंधों पर जोर दिया। जबसे मोहन सरकार बनी है तब से Invest in MP को लेकर बड़े-बड़े काम कर रही है।

MP सरकार की नीतियां
मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए 26 प्रकार की नई नीतियां लागू की।
- स्पेस और AI सेक्टर के लिए भी विशेष पॉलिसी।
- मध्य प्रदेश अब एक बिजली सरप्लस राज्य है, जिसकी बिजली से दिल्ली मेट्रो तक संचालित हो रही है।
- औद्योगिक विकास के साथ-साथ माइनिंग और मेडिकल टूरिज्म पर भी विशेष ध्यान ।
- ‘ग्रीन, क्लीन एंड सोलर एनर्जी कैपिटल’ के रूप में उभर रहा MP
- 2 रुपए 90 पैसे प्रति यूनिट दर पर घरेलू बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
- मेडिकल टूरिज्म के लिए मेडिकल कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ाई जा रही है।
- PPP मॉडल पर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल खोलने के लिए 1 रुपए में लीज पर जमीन दी जा रही है।
- दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा MP
- 5 हजार से 50 हजार क्षमता की बड़ी गौशालाएं खोलने के लिए जमीन दी जा रही है।
- प्रति गौमाता अनुदान भी 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए कर दिया गया है।
- पशुओं की नस्ल सुधार और चिकित्सा के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं।
- स्कूली बच्चों को नि:शुल्क दूध के पैकेट बांटने के लिए योजना की शुरुआत की है।
- रीवा में टाइगर सफारी और नए एयरपोर्ट की सौगात।
- एविएशन पॉलिसी के तहत हवाई सेवा प्रदाताओं को VGF दिया जा रहा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को प्रति फ्लाइट 15 लाख रुपये तक की सहायता शामिल है।
- पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘पीएम श्री हेली सर्विस’ और वन्य जीव संरक्षण के तहत चीतों का पुनर्वास किया गया है।
- चंबल में डॉल्फिन और घड़ियालों के संरक्षण के साथ-साथ अन्य राज्यों से वन्य जीवों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया जारी है।
इसके अलावा और भी कई नीतियां है जिनपर राज्य सरकार काम कर रही है।
मध्यप्रदेश में हर क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 26 अनुकूल नीतियां हैं, इसके साथ ही उद्योगों और निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है : CM@DrMohanYadav51 @Industryminist1 #CMMadhyaPradesh #InvestMPInJaipur #InvestMP pic.twitter.com/fZpGf1serl
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) March 21, 2026
MP Investment Boom: MP में विकास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक वक्त था, जब लोग कहते थे कि मध्यप्रदेश में उद्योग टिक ही नहीं सकते, पर आज मध्यप्रदेश भारत के सबसे तेजी से विकसित होते राज्यों में से एक है। MP की औद्योगिक विकास दर निरंतर बढ़ रही है। हमारी GDP नई ऊँचाइयों को छू रही है। राज्य में निवेश की एक नई क्रांति आ रही है। उद्योगों की स्थापना और निवेश प्रोत्साहन के लिए हमने 6,104 करोड़ रूपये और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 1 लाख करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। मध्यप्रदेश का ‘सिंगल विंडो सिस्टम-इन्वेस्ट MP 3.0 पोर्टल’ देश के श्रेष्ठ डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म में गिना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी 2025 अंतर्गत टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र को शामिल कर निवेशकों को आकर्षक इंसेंटिव प्रदान किए जा रहे हैं। कई प्रमुख कंपनियां मध्यप्रदेश में आ चुकी हैं और निवेश कर रही हैं। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में भारत का पहला ‘मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट’ विकसित किया जा रहा है।

भीलवाड़ा पहुंचे थे CM
MP में निवेश को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भीलवाड़ा दौरे पर भी पहुंचे थे। यहां CM ने बड़े उद्योगपतियों, खासकर टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़े उद्यमियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। भीलवाड़ा को देश का ‘टेक्सटाइल हब’ कहते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां के प्रमुख उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में बिजली, पानी, श्रम और औद्योगिक वातावरण बेहद अनुकूल है, जो निवेशकों के लिए बड़ी सुविधा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में PM नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित PM MITRA पार्क भी स्थापित हो चुका है, जिससे टेक्सटाइल सेक्टर में अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
5000 करोड़ का निवेश
भीलवाड़ा के उद्योगपति रामपाल सोनी ने MP में लगभग 5000 करोड़ रुपये के निवेश की इच्छा जताई। CM ने आश्वासन दिया “हमारी कैबिनेट और CCI की संयुक्त बैठकें बड़े उद्यमियों को रियायत देने के उद्देश्य से आयोजित होती हैं। जो भी उद्योग लगाना चाहे, MP सरकार हर प्रकार का सहयोग करेगी।
GIS से मिला निवेश
MP Investment Boom: राजधानी भोपाल में 24-25 फरवरी को “इन्वेस्ट एमपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट” (GIS) का आयोजन किया गया था। GIS, रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और राष्ट्रीय इंटरैक्टिव सेशन और विदेश यात्राओं से 32 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। अब तक 8.57 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर आ चुके हैं। MP 1 साल में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव लाने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है।
- 881 इकाइयों को भूमि आवंटन
- 281 इकाइयों का भूमिपूजन
- 141 इकाइयों का शुभारंभ हो चुका है।
निवेश और औद्याेगिक विकास का नया इकोसिस्टम, 18 नई नीतियों को मंजूरी मिली है। कई बड़े प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में 5 हजार 550 एकड़ जमीन अलॉट हो चुकी है।
