Madhya Pradesh High Court: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर स्थित प्रिंसिपल बेंच में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। रीवा निवासी दयाशंकर पांडे अपने अजन्मे बच्चे का भ्रूण लेकर अदालत पहुंच गए। उनका आरोप है कि कंपनी ने करीब 200 करोड़ रुपये की कैपिटल फर्जी तरीके से दिखाई है और इस फर्जीवाड़े में बड़े स्तर पर दस्तावेजों में हेरफेर किया गया।

वहीं दयाशंकर का कहना है कि जब उन्होंने इस कथित फर्जीवाड़े की शिकायत की तो इसके बाद से ही उन पर और उनके परिवार पर लगातार हमले होने लगे।
अजन्मे बच्चे की मौत हो गई
दयाशंकर ने आरोप लगाया है कि 1 मार्च 2026 को हुए एक सड़क हादसे में उनकी गर्भवती पत्नी को गंभीर चोट लगी और डॉक्टरों को गर्भपात करना पड़ा, जिससे उनके अजन्मे बच्चे की मौत हो गई। दयाशंकर का कहना है कि अदालत में सबूत मांगे जाते हैं, इसलिए वह मजबूरी में अपने अजन्मे बच्चे का भ्रूण लेकर हाईकोर्ट पहुंच गए ताकि अपने साथ हुई घटनाओं को दिखा सकें।
Madhya Pradesh High Court: लगातार हमलों का लगाया आरोप
दयाशंकर पांडे का आरोप है कि उनके परिवार पर पहली बड़ी घटना 19 अप्रैल 2024 को हुई थी। उस समय वह रीवा से लोकसभा चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ रहे थे। उनके प्रचार में इस्तेमाल होने वाली गाड़ी को अज्ञात लोगों ने आग के हवाले कर दिया था। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस में की, लेकिन उनका आरोप है कि आरोपी आज तक नहीं पकड़े गए।
मार्च 2026 में सड़क हादसा
Madhya Pradesh High Court: दयाशंकर के अनुसार 6 नवंबर 2025 को उनके साथ एक और संदिग्ध हादसा हुआ, जब एक नई मारुति कार ने उन्हें टक्कर मार दी। उनका दावा है कि यह सामान्य दुर्घटना नहीं थी और इसके पीछे साजिश हो सकती है। इस हादसे में उनकी गर्भवती पत्नी के पेट में गंभीर चोट लगी और बाद में डॉक्टरों को गर्भपात करना पड़ा। इसी घटना में उनके अजन्मे बच्चे की मौत हो गई।
