Madhya Pradesh heavy rain October 2025 : मध्य प्रदेश में बारिश एक बार फिर किसानों की चिंता बढ़ा रही है। श्योपुर, धार, बड़वानी, झाबुआ और अलीराजपुर जैसे जिलों में लगातार हो रही तेज वर्षा से जनजीवन प्रभावित है, वहीं खेतों में खड़ी धान की फसल पानी में बह गई है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अगले दो दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है ।
श्योपुर में बही धान की फसल
श्योपुर जिले में लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण कई गांवों के खेतों में पानी भर गया। अनेक इलाकों में हुई अतिवृष्टि से धान की तैयार फसलें बह गईं, वहीं अन्य फसलों को भी नुकसान हुआ है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर जल्द मुआवजा देने की मांग की है। जिला प्रशासन ने फसल क्षति का सर्वे करने के आदेश जारी कर दिए हैं और राजस्व अधिकारी गांव-गांव जाकर आकलन कर रहे हैं ।
भोपाल और इंदौर में भी बारिश
राजधानी भोपाल और इंदौर में हल्की बारिश हुई। आसमान में पूरे दिन बादल छाए रहे जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर में बने डिप्रेशन से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तीन दिन तक बारिश जारी रह सकती है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति भी बनी ।
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कई जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्य प्रदेश के धार, बड़वानी, झाबुआ और अलीराजपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर 70 से 100 मिमी तक बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें और कटाई योग्य फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रख लें ।
किसानों का बढ़ता नुकसान
श्योपुर और आसपास के इलाकों में कई किसानों की चार महीने की मेहनत पानी में बह गई है। पहले से ही बेमौसम बारिश से परेशान किसान अब उत्पादन हानि और बाजार में भाव गिरावट से दोहरी मार झेल रहे हैं। फसल बीमा कंपनियों और प्रशासन से मुआवजे की उम्मीद लगाए किसान राहत की प्रतीक्षा में हैं ।
आगामी मौसम का अनुमान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि नवंबर से कड़ाके की ठंड शुरू होने के आसार हैं। इस बार सर्दी का मौसम सामान्य से अधिक ठंडा और लम्बा रहने की संभावना है।
मध्यप्रदेश का मौसम जहां किसानों के लिए नुकसान का सबब बन रहा है, वहीं जलस्तर में सुधार और पेयजल के पर्याप्त साधन इस सीज़न का सकारात्मक पहलू है। हालांकि, किसानों के लिए तत्काल राहत पैकेज और सर्वे रिपोर्ट जल्द जारी होना अब सबसे बड़ी आवश्यकता है ।
