Free scooty for toppers in MP : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7832 टॉपर्स को दी स्कूटी की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में आयोजित भव्य समारोह के दौरान 7832 टॉपर विद्यार्थियों को स्कूटी देने का ऐलान किया है, जिससे शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रोत्साहन मिलेगा. यह योजना राज्य के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों की 12वीं कक्षा के उन छात्र-छात्राओं के लिए है जिन्होंने अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. हर स्कूल में एक टॉपर छात्र और एक टॉपर छात्रा को यह सुविधा मिलेगी; बालक तथा बालिका विद्यालय में एक-एक टॉपर और को-एड स्कूल में दोनों को स्कूटी दी जाएगी.
स्वास्थ्य स्वच्छता और स्टायपेंड की पहल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य स्वच्छता और छात्रावास में रहने वाली बालिकाओं के लिए स्टायपेंड की पहल भी की है. समग्र शिक्षा की सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना के अंतर्गत कक्षा 7वीं से 12वीं की 20 लाख 37 हजार 439 बालिकाओं के खातों में डीबीटी से लगभग 61 करोड़ रुपये अंतरित किए, जिससे प्रत्येक बालिका को वार्षिक 300 रुपये स्वास्थ्य स्वच्छता के लिए मिलेंगे. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाइप-IV योजना में छात्रावास में रहने वाली 20,100 बालिकाओं के खातों में 7 करोड़ रुपये स्टायपेंड राशि भेजी गई, जिससे प्रत्येक को प्रति वर्ष 3400 रुपये टीएलएम व स्टायपेंड के रूप में मिलती है.
Free scooty for toppers in MP : योजना का उद्देश्य और लाभ
इस योजना का उद्देश्य राज्य के मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना और शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनको समर्थन देना है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना से टॉपर्स को अपनी पढ़ाई के साथ यात्रा में सहूलियत मिलेगी और बालिकाओं को स्वास्थ्य व सम्मान का अधिकार मिलेगा. सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को सहज व सुरक्षित आवागमन, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा भी इन योजनाओं से प्राप्त होती है.
छात्राओं को विशेष प्रोत्साहन
बालिकाओं के लिए स्वच्छता राशि और छात्रावास में स्टायपेंड से उनकी शिक्षा यात्रा को और मजबूत किया जा रहा है. इससे लड़कियों की स्कूलिंग में नियमितता, स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि “शिक्षा और स्वास्थ्य ही विकास का आधार हैं”.
इन योजनाओं से मध्य प्रदेश में 7832 टॉपर विद्यार्थियों को स्कूटी, 20 लाख से अधिक बालिकाओं को स्वच्छता राशि और 20 हजार से अधिक छात्राओं को स्टायपेंड मिल रहा है, जिससे राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य का स्तर बढ़ेगा.
