Madhya Pradesh Floods: मध्यप्रदेश में बारिश का यह स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक बार फिर आपदा जैसे हालात पैदा कर रहा है। राजधानी भोपाल के बड़े तालाब में पानी का स्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया… जिसका असर चारों ओर नजर आ रहा है। यह स्थिति तब बनी जब कैचमेंट क्षेत्रों और सीहोर जिले में भारी बारिश ने तालाब में रिकॉर्ड जलभराव करवाया।

- भदभदा डैम – दो गेट खोले गए, जिससे पहले पानी छोड़ा गया तथा इसके बाद एक गेट बंद कर दिया गया। वर्तमान में कुल 11 में से केवल एक गेट से ही पानी छोड़ा जा रहा है।
- Madhya Pradesh Floods: रायसेन, हलाली बांध में तीन गेट खोले गए हैं, जिनमें से प्रत्येक गेट से लगभग 2-2 मीटर ऊँचाई तक पानी निकालकर कुल 451.89 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
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HALALI DAMP - इंदौर, अमर नगर (खजराना) में नाले किनारे बने तीन मंजिला मकान ढह गए; राजगढ़, नीमच, उज्जैन में कारें बह गईं और एक युवक लापता है। वहीं, इंदिरा सागर सहित पाँच डैम के गेट खोलने पड़े।
- रतलाम, खाचरौद रोड पर कुछ परिवार बच्चों सहित पानी में फंस गए…जिन्हें देर रात एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला।
Madhya Pradesh Floods: साढ़े चार इंच तक बारिश होने की संभावना
मौसम विभाग ने 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर मालवा, झाबुआ, धार, शाजापुर, राजगढ़, गुना और श्योपुर शामिल हैं, जहां अगले 24 घंटों में ढाई से साढ़े चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है
गुना की स्थिति थोड़ी अलग लेकिन बेहतर रही… यहां 63.1 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 30 इंच ज्यादा है।
Madhya Pradesh Floods: मौसम विज्ञान की व्याख्या:
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने स्पष्ट किया कि दिनभर में तीन स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय रहे…एक मॉनसून ट्रफ, दो ट्रफ व एक लो-प्रेशर एरिया शामिल हैं…जो भारी बारिश की मुख्य वजह रहे।
प्रदेश में मानसून अब तक 40.6 इंच बारिश दर्ज हुई है, जो कि इस सीजन के लिए निर्धारित 32.4 इंच से काफी अधिक है (110% स्तर)। सामान्य औसत 37 इंच है, जबकि पिछले वर्ष मानसून में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।
Madhya Pradesh Floods: बड़ा तालाब अब ‘फुल टैंक लेवल’ तक पहुंच चुका है, हैरानी की बात है कि यह सितंबर में ऐसा हुआ है..यह स्थिति 2003 के बाद पहली बार देखी गई है।
- तालाब का स्तर हाल ही में 1666.80 फीट तक पहुँच चुका था।
- भदभदा डैम का पानी सीधे कलियासोत डैम में पहुँच रहा है, जिससे वहां के गेट खोलने की संभावना जताई जा रही है। केरवा डैम में भी जलस्तर में उछाल आया है।
