3 चरणों में जनगणना
पहले चरण में मकानों की गिनती कर उससे जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड की जाएगी। दूसरे फेज़ में परिवार की जानकारी इकट्ठा की जाएगी, जबकि तीसरे और आखिरी फेज़ में हर व्यक्ति की डिटेल इकट्ठा की जाएगी। यह पूरा प्रोसेस फरवरी 2027 तक पूरा होने कर लिया जाएगा। इस बार जनगणना डिजिटल तरीके से की जाएगी, जिससे यह प्रोसेस पेपरलेस हो जाएगा और डेटा की सटीकता बढ़ जाएगी।

MP Census 2026: जनगणना होगी डिजिटल
जनगणना के दौरान 1000 लोगों पर एक प्रगणक (Enumerator) तैनात रहेगा, जो 1मई से घर-घर जाकर जानकारी जुटाएगा। पहले घर की जानकारी दर्ज करेगा। इसके बाद परिवार से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। आखिर में व्यक्तिगत विवरण दर्ज होगा। प्रगणक मोबाइल एप के जरिए सभी की जानकारी दर्ज करेंगे। डेटा रियल-टाइम में पोर्टल पर अपलोड होगा और प्रक्रिया पेपरलेस रहेगी। जाति से जुड़ी डिटेल भी इसी डिजिटल प्रक्रिया के तहत ली जाएगी।
इन बातों पर होगा ध्यान
इससे पार्लियामेंट्री या असेंबली सीट जैसी पॉलिटिकल बाउंड्री को सीमांकन करने में भी मदद मिलेगी। जियो-टैगिंग मैप से यह साफ़ तस्वीर मिलेगी कि इलाके के अंदर ग्रामीण और शहरी इलाकों का बैलेंस्ड बंटवारा कैसे किया जाए। ये भी देखा जाएगा कि कम्युनिटी को इस तरह नहीं बांटा जाना चाहिए कि एक मोहल्ला एक इलाके में और दूसरा दूसरे इलाके में आ जाए। डिजिटल होने से घरों के लिए डिजी-डॉट्स डिलिमिटेशन प्रोसेस को आसान बनाएंगे।
